केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा गिरफ्तार विदेशी नागरिकों के मामले पर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन आरोपियों से भारत की सुरक्षा को कोई सीधा खतरा नहीं था। ये लोग भारत का इस्तेमाल केवल म्यांमार पहुंचने के लिए एक ट्रांजिट पॉइंट के रूप में कर रहे थे, जहां उन्हें आतंकी प्रशिक्षण लेना था।

क्या था पूरा मामला?

NIA ने हाल ही में कोलकाता, लखनऊ और दिल्ली से 7 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया था। इनमें 1 अमेरिकी नागरिक, 6 यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह समूह मिजोरम के रास्ते म्यांमार जाने की योजना बना रहा था। म्यांमार में सक्रिय विद्रोही गुटों के कैंप में इन्हें आतंकी प्रशिक्षण दिया जाना था।

कैसे पकड़े गए आरोपी?

मिजोरम जैसे संवेदनशील और संरक्षित क्षेत्र में प्रवेश के लिए विदेशी नागरिकों को एडवांस परमिट (Inner Line Permit) लेना अनिवार्य होता है। इन आरोपियों ने यह जरूरी अनुमति नहीं ली थी, जिससे सुरक्षा एजेंसियों को शक हुआ और वे जांच के दायरे में आ गए। इसी आधार पर NIA ने कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

सरकार का सख्त संदेश

गृह मंत्री ने साफ कहा इनसे भारत को कोई खतरा नहीं था, लेकिन हमारी नीति बिल्कुल स्पष्ट है अगर कोई विदेशी नागरिक गलत मंशा से भारत आता है, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। यह पहली बार है जब सरकार की ओर से आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट किया गया कि भारत इस पूरे नेटवर्क में केवल एक रास्ता था, लक्ष्य नहीं।

10 दिन की बढ़ी रिमांड

नई दिल्ली की विशेष NIA अदालत ने सभी 7 आरोपियों की कस्टडी 10 दिनों के लिए और बढ़ा दी है। इससे पहले भी अदालत ने 11 दिन की रिमांड दी थी और माना था कि मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर अपराध है।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम

  • मैथ्यू आरोन वान डाइक (अमेरिका)
  • हुरबा पेट्रो
  • सिल्वियाक तारास
  • इवान सुकमानोवस्की
  • स्टीफंकिव मैरियन
  • होनचारुक मक्सिम
  • कामिन्स्की विक्टर

क्या है आरोप?

NIA की जांच में कई गंभीर आरोप सामने आए हैं वैध वीजा पर भारत आकर संरक्षित क्षेत्र मिजोरम में अवैध प्रवेश, म्यांमार में विद्रोही गुटों से संपर्क, आतंकी प्रशिक्षण लेना और देना, प्रतिबंधित भारतीय संगठनों से जुड़े नेटवर्क से कनेक्शन, यूरोप से ड्रोन और हथियारों की तस्करी, AK-47 जैसे हथियारों से जुड़े आतंकियों से संपर्क। इन सभी के खिलाफ UAPA की धारा 18 (आतंकी साजिश) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

जांच में नए खुलासे की संभावना

NIA ने अदालत को बताया कि पूछताछ के दौरान कुछ और भारतीय और विदेशी संदिग्धों के नाम सामने आए हैं। एजेंसी अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन और आतंकी फंडिंग की भी पड़ताल शामिल है।

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