कवर्धा। कहते है जब जमीन-जायदाद का नशा चढ़ता है तो यह सर चढ़कर बोलता है और यह नशा सारे रिश्ते-नाते को दरकिनार करते हुए बड़ा से बड़ा अपराध कराने पर विवश कर देता है। कुछ इसी तरह की खबर छत्तीसगढ़ राज्य के कवर्धा जिले से सामने आई है जहां जमीन जायदाद के नशे में मदमस्त मां-बाप ने सारी मर्यादा को लांघते हुए अपने ही बेटे को मौत के घाट उतार दिया। कवर्धा थाना इलाके के रामनगर महराजपूर नहर के पास गत 13 दिसंबर को पुलिस ने एक लाश बरामद की थी। लाश की शिनाख्ती ग्राम कांपा निवासी सुरेश साहू के रूप में की गई थी। प्रथम दृष्टया मृतक के सिर पर गंभीर चोट तथा गर्दन में रस्सी के निशान पाये जाने पर हत्या का अपराध दर्ज किया गया। लाश की पहचान के बाद मृतक के मामा ने रिपोर्ट दर्ज कराया कि मृतक सुरेश और उसके पिता मेसराम में जमीन बंटवारे को लेकर आये दिन विवाद होता रहता था। मृतक अपनी मां के दूसरी जगह शादी कर लिये जाने से अपने मामा के गाँव डंगनिया में रहता था। इसी बीच मृतक के पिता मेसराम साहू ने भी दूसरी शादी कर ली। अपनी 7 एकड़ जमीन को अपनी दूसरी पत्नी तथा बच्चो के नाम कर दिया। बताया गया मृतक द्वारा बंटवारे के नाम से सिविल कोर्ट में केस दायर किया था तो कोर्ट द्वारा आदेश पारित किया गया है कि मृतक अपने पिता के साथ ग्राम कांपा में रहेगा तभी हिस्सा का पात्र है। इसके बाद करीब 2 साल अपने पिता के साथ ग्राम कांपा में रह रहा था। उन दोनों में बंटवारे के नाम से आये दिन विवाद होता रहता था। विवाद के बाद पिता एवं सौतेली माँ ने मिलकर के बेटे को मार डाला और लाश नहर के पास फेंक दी थी। पुलिस ने मौके पर प्राप्त परिस्थितिजन्य साक्ष्य एवं गवाहों के बताये तथ्यों के आधार आरोपी माँ-बाप को गिरफ्तार किया।
