राजनांदगांव। एकीकृत बाल विकास सेवा परियोजना (शहरी) के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा कुपोषण की रोकथाम के लिए एनीमिक गर्भवती महिलाओं को घर-घर जाकर पौष्टिक आहार दिया जा रहा है और उन्हें गर्भावस्था के दौरान संपूर्ण देखभाल की जानकारी दी जा रही है। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा परिवार एवं समुदाय के बीच एनीमिया और कुपोषण की दर में कमी लाने हेतु उपलब्ध विडियो, विभिन्न चार्ट और पोस्टरों के माध्यम से जागरूकता लाने का कार्य लगातार किया जा रहा है, जिसके परिणाम स्वरूप मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान की सहायता से एनीमिक गर्भवती महिला ने एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया। सुपोषण के लिए किए जा रहे प्रयासों के तहत शहर के बलराम दास वार्ड नंबर-15 स्थित आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक-2 की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लता सोनटिया ने वजन पंजीयन के दौरान देखा कि गर्भवती महिला गोमती सिन्हा का वजन सिर्फ 50 किलोग्राम था और उनका हिमोग्लोबिन भी 9.5 ग्राम ही था, जो औसतन कम माना गया है। इस स्थिति में मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत आंगनबाड़ी केन्द्र में उन्हें लगातार सप्ताह में तीन दिन अंडा, मूंगफल्ली की चिक्की एवं प्रतिदिन गर्म भोजन दिया गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने गृह भेंट के दौरान पौष्टिक भोजन के साथ ही आयरन व फालिक एसिड की गोली दी तथा समय से महिला की प्रसव पूर्व जांचों में भी सहयोग किया। नियमित जांच के साथ ही उसकी सतत निगरानी भी की गई। जिसके फलस्वरूप गर्भवती महिला गोमती का हिमोग्लोबिन 12 ग्राम हो गया और इसके बाद सही समय पर उन्होंने एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया, जिसका वजन जन्म के समय 3 किलोग्राम था। इस संबंध में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लता सोनटिया ने बताया, कोविड-19 संक्रमण के संभावित खतरे के कारण मार्च 2020 से आंगनबाड़ी केंद्र बंद कर दिए थे, इसलिए एनीमिक गर्भवती महिलाओं को घर-घर जाकर सूखा राशन वितरण किया गया और उनकी सतत निगरानी की जा रही है। इसके अलावा परिवार एवं समुदाय के बीच एनीमिया और कुपोषण में कमी लाने के उद्देश्य से उपलब्ध विडियो, विभिन्न चार्ट और पोस्टरों के माध्यम से इन दिनों जागरूकता लाने का कार्य लगातार किया जा रहा है। स्वच्छता और कोविड-19 से बचाव हेतु गृह भेंट कर सभी बच्चों के पालकों, गर्भवती महिलाओं एवं परिवार को लगातार मार्गदर्शन दिया जा रहा है। वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश ने बताया, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, एएनएम एवं पर्यवेक्षक के आपसी समन्वय से शीघ्र से शीघ्र गर्भवती महिलाओं का पंजीयन, शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव, जन्म के तुरंत बाद या 1 घंटे के भीतर स्तनपान तथा टीकाकरण के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही कुपोषित बच्चों को पर्याप्त ऊपरी पौष्टिक आहार, वजन, कृमिनाशक गोली, आयरन सिरप का वितरण एवं बच्चों और महिलाओं के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन भी किया जाता है, ताकि बच्चों और महिलाओं में कुपोषण और एनीमिया की दर में कमी आ सके।
सुपोषण अभियान का प्रभाव
गर्भवती महिलाओं, शिशुवती माताओं तथा बच्चों में सुपोषण के लिए जिले में किए जा रहे प्रयासों के सकारात्मक परिणाम भी अब सामने आ रहे हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश ने बताया, मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजनांतर्गत इस वर्ष अब तक 9,093 बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई एवं 4,281 गंभीर कुपोषित बच्चों को नि:शुल्क दवा वितरण किया गया है। जिले में 6 पोषण पुनर्वास केन्द्र संचालित हैं, जिसमें नियमित रूप से बच्चों को लाभ देने का प्रयास किया जा रहा है। वर्ष 2019-20 में माह फरवरी 2020 तक कुल 960 अति गंभीर कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केन्द्र का लाभ दिया गया। पोषण पुनर्वास केन्द्र में 14 दिवस लाभ लेने के बाद घर पर बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण पर विशेष ध्यान देने के लिए अभिभावकों की काउंसलिंग स्वास्थ्य विभाग एवं महिला बाल विकास विभाग द्वारा संयुक्त रूप से की जा रही है।

Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  
Exit mobile version