Nitish Kumar Resign: बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड बनाने वाले नीतीश कुमार ने सोमवार को बिहार विधान परिषद (MLC) की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इसी महीने राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने जाने के बाद, संवैधानिक प्रक्रियाओं के तहत उन्होंने राज्य विधायिका की सदस्यता त्यागी है। यह घटनाक्रम बिहार की राजनीति में एक बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।

भावुक संदेश के साथ विदाई

75 वर्षीय जेडीयू (JDU) प्रमुख ने 5 मार्च को ही एक भावुक संदेश के जरिए अपने इस फैसले का संकेत दे दिया था। उन्होंने अपनी इच्छा जताई थी कि वह बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ-साथ संसद के सदनों का भी हिस्सा बनना चाहते थे। नीतीश कुमार ने ‘विकसित बिहार’ के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और नई सरकार को अपना “सहयोग और मार्गदर्शन” देने का वादा किया।

गठबंधन की राजनीति के चाणक्य

नीतीश कुमार का राजनीतिक सफर गठबंधन की राजनीति का एक बेहतरीन उदाहरण रहा है। 1985 में विधायक बनने से लेकर वाजपेयी सरकार में केंद्रीय मंत्री और फिर 2005 में पहली बार बिहार के मुख्यमंत्री बनने तक, उनका ग्राफ हमेशा ऊपर रहा है। साल 2013 के बाद से वे कई बार गठबंधन बदलते रहे (2013, 2017, 2022 और 2024), लेकिन उनकी राजनीतिक प्रासंगिकता कभी कम नहीं हुई। 2025 के चुनावों में उन्होंने रिकॉर्ड 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।

क्या बिहार में बदलेगा नेतृत्व?

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने से पटना में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें तेज हो गई हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस कदम से बिहार सरकार में भाजपा (BJP) का प्रभाव बढ़ सकता है और राज्य को जल्द ही कोई नया नेतृत्व मिल सकता है। एनडीए (NDA) ने नीतीश कुमार के इस फैसले का स्वागत किया है और इसे संसदीय लोकतंत्र की मजबूती बताया है।

Share.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
October 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031  
Exit mobile version