कभी ममता बनर्जी के समर्थन में नारे लगाने वाली राजन्या हलदार इन दिनों उन्हीं के खिलाफ प्रचार कर रही है। दरअसल राजन्या इस बार खुद चुनाव लड़ रही है। वो आसनसोल दक्षिण से मैदानमें उतरी हैं।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए नारे लगाने वाली राजन्या हलदर इन दिनों अपने अलग अंदाज को लेकर सुर्खियों में हैं। बंगाल की दो अलग-अलग विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ रही राजन्या जिस लुक में चुनाव प्रचार करने निकलती है उसने सभी का ध्यान खींचा है। वो ट्रडिशनल बंगाली लुक में जनता से वोट मांग रही हैं।
राजन्या निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनावी मैदान में उतरी हैं। वो सिर पर हैड रैप बांधकर वोट मांगने निकलती है। हाथों में माइक लिए वो लोगों से वोट की अपील कर रही है।
2023 में टीएमसी की शहीद दिवस रैली में राजन्या हलदर का जोशीला भाषण वायरल हुआ था। उनका नारा जुलमी जब-जब जुलुम करेगा.. उन्हें रातोंरात चर्चा में ले आया। उनकी लोकप्रियता से प्रभावित होकर ममता बनर्जी ने उन्हें छात्र राजनीति में आगे बढ़ाया। उन्हें जादवपुर विश्वविद्यालय में संगठन की जिम्मेदारी दी गई।
राजन्या जल्द ही टीएमसी के छात्र विंग की प्रमुख आवाज बन गईं। उनकी आक्रामक शैली और नारेबाजी ने उन्हें युवा समर्थकों के बीच लोकप्रिय बना दिया।
राजन्या ने इसी साल पार्टी से अलग राह चुनते हुए निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने का फैसला किया। अब वे अपनी अलग राजनीतिक पहचान बनाने में जुटी हैं। वो चुनाव प्रचार के दौरान ममता पर जमकर हमला बोल रही हैं।
राजन्या सोनारपुर दक्षिण के साथ-साथ आसनसोल दक्षिण सीट से भी चुनाव लड़ रही हैं। यहां उनका मुकाबला अग्निमित्रा पॉल और तापस बनर्जी से से है।

