पलक्कड़: केरल के पलक्कड़ विधानसभा क्षेत्र में इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। कांग्रेस के पारंपरिक गढ़ माने जाने वाले इस इलाके में बीजेपी ने पूरी ताकत झोंक दी है। इसी रणनीति के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में यहां रोड शो और जनसभा की थी। अपने दौरे के दौरान मोदी ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोला। उन्होंने अपने भाषण का बड़ा हिस्सा उन यौन उत्पीड़न के आरोपों पर केंद्रित रखा जिनका सामना कांग्रेस के दो स्थानीय नेताओं को करना पड़ा है। हालांकि कांग्रेस ने इन नेताओं को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। इसके बावजूद बीजेपी इसे बड़ा मुद्दा बनाकर जनता के बीच ले जा रही है।
कांग्रेस का मजबूत गढ़
पलक्कड़ विधानसभा सीट पश्चिमी घाट की तलहटी में तमिलनाडु की सीमा के पास स्थित है। यह लंबे समय से कांग्रेस का मजबूत गढ़ रहा है। पलक्कड़ उन चुनिंदा सीटों में शामिल है जिन्हें बीजेपी ने ए क्लास श्रेणी में रखा है। यह वो सीट है जहां पार्टी को पिछले चुनावों में उल्लेखनीय वोट मिले हैं। इस बार कांग्रेस ने अभिनेता रमेश पिशाडोरी को उम्मीदवार बनाया है। वहीं बीजेपी की ओर से शोभा सुरेंद्रर मैदान में हैं। वो इस सीट पर पार्टी की सबसे मजबूत दावेदार मानी जा रही हैं।
लगातार बढ़ रहा बीजेपी का वोट शेयर
एक तरफ को उम्मीद है कि पारंपरिक हिंदू और मुस्लिम वोटरों के साथ-साथ शफी परम्बिल के प्रभाव से वह अपनी पकड़ बरकरार रखेगी। 2021 के चुनाव में शफी ने बीजेपी के ‘मेट्रो मैन’ ई. श्रीधरन को सिर्फ़ 3,800 वोटों के अंतर से हराया था। दस साल पहले, जब शोभा सुरेंद्रन ने पहली बार यहां अपनी किस्मत आजमाई थी तो वे हार गईं। लेकिन हारने से पहले उन्होंने पार्टी के वोट शेयर को 20% से बढ़ाकर 29% तक पहुंचा दिया था। हालांकि, पिछले वर्षों में बीजेपी का वोट शेयर लगातार बढ़ा है। जो उसके मजबूत होते जनाधार का संकेत देता है।
सीपीआईएम ने बढ़ाई कांग्रेस की टेंशन
वहीं इस चुनाव को सीपीआईएम के रुख ने और रोचक बना दिया है। पार्टी ने अमीर कारोबारी एनएमआर रज्जाक का समर्थन किया है जो निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस नेता वीडी सतीशन ने इसे सीपीआईएम और बीजेपी के बीच मिलीभगत बताया है। कांग्रेस को डर है कि रज्जा मुस्लिम वोटों में सेंध लगाकर बीजेपी को अप्रत्यक्ष फायदा पहुंचा सकते हैं।

