मध्यप्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में अंतर्राष्ट्रीय मूर्ख दिवस 1 अप्रैल के मौके पर हास्य, व्यंग्य और ठहाकों से सजा 53वां अखिल भारतीय टेपा सम्मेलन आयोजित किया गया. कालिदास अकादमी में हुए इस अनोखे आयोजन में देशभर से आए कवियों, साहित्यकारों और कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने शिरकत की. सम्मेलन में जहां हास्यास्पद मुकदमों ने दर्शकों को खूब गुदगुदाया, वहीं फिल्म धुरंधर में जमील जमाली का यादगार किरदार निभाने वाले अभिनेता राकेश बेदी ने शायरी और संवादों से माहौल को पूरी तरह संजीदा से हास्य में बदल दिया.
धुरंधर टेपा सम्मेलन का आयोजन
1 अप्रैल को अंतर्राष्ट्रीय मूर्ख दिवस के मौके पर हुए इस आयोजन को ‘धुरंधर टेपा सम्मेलन’ नाम दिया गया. कार्यक्रम में अतिथियों को पारंपरिक टेपा वेशभूषा पहनाई गई और उनके प्रशस्ति-वाचन के बाद प्रतीकात्मक और मनोरंजक “चिल्मी मुकदमे” चलाए गए, जो टेपा सम्मेलन की पहचान माने जाते हैं.
राकेश बेदी को मिली ‘मुख्य टेपा’ की उपाधि
सम्मेलन का सबसे आकर्षक क्षण तब आया, जब अभिनेता राकेश बेदी को ‘मुख्य टेपा’ की उपाधि से नवाजा गया. मंच पर उन पर भी हास्यास्पद मुकदमा चलाया गया, जिसका जवाब उन्होंने अपनी खास हास्य शैली में दिया. श्रोताओं की तालियों के बीच उन्होंने शायरी सुनाई और फिल्म धुरंधर का चर्चित संवाद “मेरा बच्चा” बोलकर पूरे सभागार को ठहाकों से भर दिया.
इन हस्तियों पर भी चले मजेदार मुकदमे
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के भाई नंदू यादव, विधायक महेश परमार, एसपी प्रदीप शर्मा समेत कई प्रतिष्ठित लोग शामिल हुए. इसके साथ ही भाजपा जिला अध्यक्ष राजेश धाकड़ और शहर कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष सुरेन्द्र मरमट सहित कई अन्य हस्तियों पर भी व्यंग्यात्मक और हास्यपूर्ण मुकदमे चलाए गए. आयोजन में पत्रकार राहुल यादव, भूपेंद्र भूतड़ा सहित कई लोगों को टेपा अवार्ड देकर सम्मानित किया गया.
देशभर के कवियों ने श्रोताओं को गुदगुदाया
सम्मेलन में विभिन्न राज्यों से आए कवियों ने अपनी चर्चित हास्य-व्यंग्य रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. मधुबनी (बिहार) से शंभू शिखर, मुंबई से सुभाष काबरा, जयपुर से एकेश पार्थ, कन्नौद की प्रिया खुशबु, धार के लोकेश जडिया और मालवी कवि पं. राहुल शर्मा ने मंच से ऐसी प्रस्तुतियां दीं कि हंसी का सिलसिला देर तक चलता रहा.
अब तक किन्हें मिला टेपा सम्मान?
टेपा सम्मान अब तक देश के कई नामचीन साहित्यकारों और कलाकारों को दिया जा चुका है. इनमें पं. सूर्यनारायण व्यास, हरिशंकर परसाई, दुष्यंत कुमार, शरद जोशी, जसपाल भट्टी, शक्ति कपूर, गुलशन ग्रोवर, अर्चना पूरन सिंह, शैलेश लोढ़ा, भारती सिंह, अली असगर, सुनील पाल और एहसान कुरैशी जैसे चर्चित नाम शामिल हैं. कोरोना काल के कारण 2019 से 2021 तक सम्मेलन स्थगित रहा, जबकि 2024 में आचार संहिता के चलते आयोजन नहीं हो पाया था.

