प्रकृति अक्सर हमें ऐसे दृश्यों से रूबरू कराती है, जिस पर यकीन करना मुश्किल हो जाता है. हाल ही में सोशल मीडिया पर एक ऐसा ही वीडियो सामने आया है, जिसे देखकर हर कोई अपनी आंखों पर विश्वास नहीं कर पा रहा है. इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक पहाड़ी नदी का तेज बहाव अचानक पत्थरों के एक ढेर के पास पहुंचकर पूरी तरह से जमीन के अंदर समा जाता है. जहां एक तरफ पानी का शोर और बहाव बेहद तेज है, तो दूसरी तरफ पत्थरों के उस पार जमीन पूरी तरह सूखी नजर आ रही है. इस तरह से अचानक नदी का गायब होना देखकर, लोगों का सिर चकरा गया. लोगों को समझ ही नहीं आया कि आखिर पत्थरों में ये धारा समाकर आखिर कहां चली गई?

वीडियो देखकर ऐसा प्रतीत होता है मानो जमीन के नीचे कोई बड़ा रास्ता या गुफा हो, जिसने पूरी नदी को अपने भीतर सोख लिया है. आस-पास मौजूद लोग इस घटना को देखकर हैरान हैं और इसे कैमरे में कैद कर रहे हैं. वैज्ञानिक दृष्टि से देखा जाए तो यह अक्सर ‘सिंकहोल’ या भूमिगत जलमार्गों के कारण होता है, लेकिन आम जनता के लिए यह किसी चमत्कार से कम नहीं है. यह वीडियो इंटरनेट पर तेजी से शेयर किया जा रहा है. इंस्टाग्राम पर इस वीडियो को 80 लाख से भी ज्यादा बार देखा जा चुका है, जिसे आर्यन गुप्ता नाम के लड़के ने शेयर किया है. आर्यन के मुताबिक, यह वीडियो शारदा नदी का है, जो उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में बहती है.

वीडियो में आप देख सकते हैं कि आर्यन जब नदी के इस छोर पर पहुंचता है, तो एक तरफ पहाड़ी से शारदा नदी का पानी तेजी से नीचे की ओर आता है. ऐसा लगता है मानो वो धीरे-धीरे विशाल रुप लेकर आगे बहेगी. लेकिन जैसे ही आर्यन ने कैमरा घुमाया, हैरान कर देने वाला नजारा सामने आता है. वीडियो में एक तरफ पानी का अथाह भंडार दिखता है, तो दूसरी ओर वो पानी पत्थरों के नीचे समा जाती है और आगे का रास्ता बिल्कुल सूखा है. कई लोगों को यह वीडियो एआई से बनाया हुआ लगता है, लेकिन जब हमने वीडियो को देखा और आर्यन के प्रोफाइल को जांचा तो पता चला कि यह वीडियो बिल्कुल सही है. दरअसल, नदी जहां गायब होती है, वहां पर संभवत: कोई सिंक होल होगा, जिसमें पानी समाकर जमीन के नीचे-नीचे आगे बढ़ता है.

इस वीडियो को लाखों लोगों ने लाइक किया है, जबकि हजारों कमेंट्स आए हैं. वीडियो पर कमेंट करते हुए एक यूजर ने लिखा है कि नदी का जमीन के अंदर ओझल होना पूरी तरह से एक वैज्ञानिक भौगोलिक घटना है, जिसे अंतःसलिला (Subterranean river) कहा जाता है. जब नदी के मार्ग में अत्यधिक पारगम्य चट्टानें (जैसे चूना पत्थर या बलुआ पत्थर) या भारी कंकड़-पत्थर आते हैं, तो पानी सतह के नीचे रिसकर बहने लगता है. इसीलिए हिमालय से निकलने वाली नदियां भारी पत्थरों के नीचे दब जाती हैं और कुछ किलोमीटर बाद तराई क्षेत्र में फिर से प्रकट होती हैं. वेदांत मिश्रा ने लिखा है कि कंकड़ के नीचे पानी आगे बढ़ता है, नदी गायब नहीं हुई है. हालांकि, कुछ लोगों ने इसे एआई वीडियो करार दिया है, तो कुछ लोग इसे छोटी नदी बता रहे हैं.

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