मदुरै: जैसे-जैसे चुनावी माहौल ज़ोर पकड़ रहा है, दक्षिण तमिलनाडु के कुछ गांव राजनीतिक प्रचार से दूर रहने की कोशिश कर रहे हैं। मदुरै का ओथावीडु ऐसा ही एक गांव है, जहां राजनीतिक विज्ञापन, बैनर, झंडे, पोस्टर या किसी भी तरह के संदेश लगाने पर रोक है। राजनेता गांव में आते हैं और वोट मांगने के लिए प्रचार करते हैं, लेकिन बस इतना ही। गांववाले न तो कोई तोहफ़ा या मुफ़्त की चीज़ें लेते हैं, और न ही गांव में कहीं भी विज्ञापन लगाने की इजाज़त देते हैं- चाहे वह किसी घर की दीवार हो या कोई सार्वजनिक जगह।

एक दुकानदार पी. पांडी ने बताया कि राजनीतिक पोस्टरों के अलावा, हम त्योहारों और शादियों जैसे धार्मिक या निजी कार्यक्रमों के पोस्टर भी लगाने की इजाज़त नहीं देते। अगर कोई ऐसा पोस्टर दीवारों पर लगा देता है, तो गांव के बड़े-बुज़ुर्ग उसे तुरंत हटाने के लिए कहते हैं। उन्होंने आगे बताया कि राजनीतिक पार्टियां और प्रचार करने वाले लोग इन नियमों का सम्मान करते हैं। असल में, बस स्टैंड पर लगे एक नोटिस में इन नियमों के बारे में विस्तार से बताया गया है।

नियम का पालन सख्ती से

गांव के एक और निवासी एम. जयराज कहते हैं कि हम इन नियमों का पालन इसलिए करते हैं, ताकि कोई भी व्यक्ति पोस्टरों और बैनरों पर लिखे प्रचार से प्रभावित न हो, और न ही किसी खास झंडे के प्रति उसकी कोई निष्ठा या झुकाव पैदा हो। जयराज ने कहा कि जब वोट डालने का समय आता है, तो हर व्यक्ति गांव के बाकी लोगों के प्रभाव में आए बिना, अपना फ़ैसला खुद लेता है। जो लोग दूसरे शहरों और ज़िलों से अपने गांव वोट डालने के लिए वापस आते हैं, वे भी इस नियम का पालन करते हैं।

योजना वाले बोर्ड भी गांव से बाहर

TOI ने पाया कि ओथावीडु गांव के ठीक सामने सड़क के दूसरी तरफ़, सड़क विकास की एक नई परियोजना का साइनबोर्ड लगा हुआ है। इस बोर्ड पर योजना से जुड़ी पूरी जानकारी दी गई है। गांव के एक और निवासी कृष्णन ने बताया कि इस साइनबोर्ड को गांव की सीमा के अंदर लगाने की इजाज़त नहीं दी गई थी। उन्होंने कहा कि गांव के अंदर सिर्फ़ दुकानों के नाम और उनके विज्ञापन लगाने की ही इजाज़त है।

ये गांव भी प्रचार से दूर

राजनीतिक प्रचार को लेकर ऐसे ही नियमों का पालन करने वाले दूसरे गांव हैं- विरुधुनगर ज़िले का मरुधनाथम, रामनाथपुरम का कोम्बूथी और थेनी ज़िले का बालकृष्णपुरम हैं। बालकृष्णपुरम गांव के निवासी मुरुगन ने बताया कि राजनेताओं को गांव में आकर प्रचार करने की इजाज़त है। वे अपने साथ जितने चाहें उतने झंडे और बैनर ला सकते हैं, लेकिन जब वे गांव से वापस जाते हैं, तो उन्हें ये सारी चीज़ें अपने साथ ही ले जानी पड़ती हैं।

हर व्यक्ति को अपनी पसंद से वोट देने का अधिकार

इन गांवों में राजनीति से जुड़े जो नियम लागू किए गए हैं, उनसे यह भी पक्का होता है कि राजनीति की वजह से गांव वालों के बीच किसी भी तरह का कोई मनमुटाव या झगड़ा न हो। इस पर सार्वजनिक रूप से चर्चा नहीं होती। हर व्यक्ति उसी को वोट देता है जिसे वह खुद चाहता है। पंचायत या अन्य सार्वजनिक बैठकों के दौरान इस बारे में कोई बहस या चर्चा नहीं होती।

Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930  
Exit mobile version