रायपुर, छत्तीसगढ़ के लाखों पेंशनरों की भावनाओं को झकझोर देने वाले घटनाक्रम में भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ, छत्तीसगढ़ प्रदेश ने 8 अप्रैल को जारी 3% महंगाई राहत (डीआर) के बिना एरियर आदेश पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। महासंघ ने इसे पेंशनरों के साथ लगातार हो रहे “आर्थिक अन्याय और शोषण” की कड़ी बताते हुए इस व्यवस्था पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने कहा कि जिन पेंशनरों ने अपना पूरा जीवन राज्य और देश की सेवा में खपा दिया, आज वही अपने हक के लिए तरस रहे हैं। उन्होंने “मोदी की गारंटी” का हवाला देते हुए मांग की कि कर्मचारियों और पेंशनरों को केंद्र के समान देय तिथि से लगभग 88 माह का बकाया एरियर तत्काल दिया जाए।

उन्होंने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ को मध्यप्रदेश से 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि अब तक नहीं मिलना कोई साधारण चूक नहीं, बल्कि ब्यूरोक्रेटिक तंत्र की बहुत बड़ी लापरवाही है। उन्होंने कहा कि यह राशि पेंशनरों के अधिकारों से जुड़ी है और इसकी अनदेखी उनके भविष्य के साथ अन्याय है। महासंघ ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।

नामदेव ने यह भी कहा कि स्वयं वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी द्वारा विधानसभा में इस तथ्य को स्वीकार किया जा चुका है, फिर भी जिम्मेदारों पर कार्रवाई न होना सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है। “आखिर इतनी बड़ी राशि अटकी कैसे रही और किसकी जिम्मेदारी तय होगी?” — यह सवाल अब हर पेंशनर पूछ रहा है।

विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया कि मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49 (6) के तहत पेंशनरी दायित्वों का बंटवारा तय है, जिसमें 74% भार मध्यप्रदेश और 26% छत्तीसगढ़ को वहन करना है। छत्तीसगढ़ सरकार अपने हिस्से की राशि नियमित दे रही है, लेकिन मध्यप्रदेश द्वारा अपने हिस्से का भुगतान न करने से यह बकाया 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। महासंघ ने मांग की है कि राज्य सरकार अब और इंतजार न करे, बल्कि कड़ा निर्णय लेते हुए अपने हिस्से की 26% राशि रोककर पेंशनरों एवं परिवार पेंशनरों को 88 माह का लंबित एरियर तत्काल भुगतान करे।

विज्ञप्ति में जे. पी. मिश्रा, द्रौपदी यादव, अनिल गोल्हानी, टी. पी. सिंह, प्रवीण कुमार त्रिवेदी, आर. के. टंडन, एम. एन. पाठक, शैलेन्द्र कुमार सिन्हा, बी. एस. दसमेर, आर. जी. बोहरे, ओ. डी. शर्मा, अनिल पाठक श्रीमती लता चावड़ा सहित अन्य पदाधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि यदि इस “पेंशन अन्याय” पर शीघ्र निर्णय नहीं हुआ तो पेंशनरों को आंदोलन का रास्ता अपनाने पर मजबूर होना पड़ेगा।

Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
April 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930  
Exit mobile version