रायपुर। हांडीपारा स्थित छत्तीसगढ़ी भवन में छत्तीसगढ़ी समाज पार्टी द्वारा महान संत गुरु घासीदास की जयंती के अवसर पर उनके व्यक्तित्व-कृतित्व पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी की अध्यक्षता राज्य आंदोलनकारी छसपा के प्रदेश अध्यक्ष दाऊ जी.पी.चंद्राकर ने की। गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए राज्य आंदोलनकारी प्रदेश किसान नेता अनिल दुबे ने कहा कि गुरु घासीदास जी मनखे-मनखे एक समान का संदेश देकर मानव समाज को सामाजिक समरसता का संदेश दिया।जो आज भी प्रासांगिक है। दीनदयाल वर्मा ने कहा कि गुरु घासीदास जी राष्ट्रीय स्तर के महान संत एवं सतनाम पंथ के निर्माता थे। जी.पी. चंद्राकर ने कहा कि शोषित दलित वर्ग के लोगों को संगठित कर उनको संस्कारित जीवन जीने का राह बताया। अशोक ताम्रकर ने कहा कि गुरु घासीदास जी समाज में फैले छुआ छूत और ऊंच नीच की भावना से मुक्ति दिलाने का कार्य किया है। गोष्ठी को जागेश्वर प्रसाद,लालाराम वर्मा, चेतन देवांगन, गोवर्धन वर्मा, अशोक काश्यप, भरत यादव,पी.आर. निषाद देवेंद्र कश्यप ने भी संबोधित किया।
