वाशिंगटन-  नासा का आर्टेमिस II मिशन सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। इस मिशन में शामिल सभी अंतरिक्ष यात्री 10 दिन की ऐतिहासिक यात्रा पूरी करने के बाद ओरियन अंतरिक्ष यान के जरिए सुरक्षित रूप से समुद्र में उतर गए। मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री- रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसेन शामिल थे। यह ऐतिहासिक वापसी प्रशांत महासागर में सैन डिएगो के तट के पास हुई। कैप्सूल पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने के बाद पैराशूट सिस्टम के माध्यम से समुद्र में सुरक्षित उतरा। इसके बाद रिकवरी टीम तुरंत मौके पर पहुंची।

काफी देर चली प्रक्रिया के बाद अंतरिक्षयात्रियों को सुरक्षित कैप्सूल से बाहर निकाला गया। यहां से सेना का हेलीकॉप्टर उन्हें लेने के लिए पहुंचा। नासा ने एक्स पोस्ट पर लिखा, आर्टेमिस II मिशन के चारों अंतरिक्ष यात्रियों को ओरियन अंतरिक्ष यान से सफलतापूर्वक सुरक्षित निकाल लिया गया है और वे अब यूएसएस जॉन पी. मुर्था पर हैं। इसके बाद उन्हें चिकित्सा कक्ष में ले जाया जाएगा, जहां मिशन के बाद उनकी चिकित्सा जांच की जाएगी। यूएसएस जॉन पी. मुर्था के डेक पर क्रिस्टीना और विक्टर के चेहरे पर बड़ी मुस्कान थी, क्योंकि वे मिशन के बाद की नियमित चिकित्सा जांच के लिए ले जाए जाने का इंतजार कर रहे थे।

नासा के अंतरिक्ष यात्री क्रिस विलियम्स ने भी ओरियन की पृथ्वी वापसी पर सोशल मीडिया पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, “अंतरिक्ष स्टेशन पर मौजूद हमारे दल ने नासा आर्टेमिस मिशन II के दल को चंद्रमा की यात्रा से लौटते समय पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते हुए देखा! मॉड्यूल के जलने के साथ ही हमें सबसे पहले एक तेज रोशनी और एक लकीर दिखाई दी। हमने ओरियन कैप्सूल को सीधे प्रवेश करते हुए नहीं देखा, लेकिन वायुमंडल के ऊपरी भाग में उसके द्वारा छोड़ी गई धुंधली लकीर को अवश्य देखा। अपने साथियों के इस अद्भुत मिशन के बाद पृथ्वी पर सुरक्षित लौटने पर हमें अत्यंत प्रसन्नता हुई!

पृथ्वी पर लौटने से पहले नासा ने जानकारी दी थी कि लगभग 6 लाख 90 हजार मील की लंबी यात्रा पूरी करने के बाद यह दल पृथ्वी के करीब पहुंच रहा है। यह मिशन दुनिया भर में चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि पांच दशक से अधिक समय बाद इंसान ने पृथ्वी की निचली कक्षा से आगे गहरे अंतरिक्ष में कदम रखा है। नासा के अनुसार, इस यात्रा में अंतरिक्ष यात्री अब तक की सबसे अधिक दूरी तक गए, जो भविष्य के चंद्र मिशनों के लिए रास्ता तैयार करेगी।

मिशन के दौरान कई अहम टेस्ट किए गए

इस मिशन के दौरान ओरियन यान के कई जरूरी सिस्टम का परीक्षण किया गया। इसमें लाइफ सपोर्ट सिस्टम, स्पेससूट और रेडिएशन मापने वाले उपकरण शामिल थे। हालांकि, यात्रा के दौरान कुछ छोटी समस्याएं भी आईं, जैसे टॉयलेट सिस्टम में खराबी, जिसे अंतरिक्ष यात्रियों ने ठीक किया। इन टेस्ट से मिले डाटा का इस्तेमाल भविष्य के मिशनों में किया जाएगा, खासकर आर्टेमिस III के लिए, जिसमें चांद पर लैंडिंग की योजना है।

अंतरिक्ष यात्रियों के अनुभव और भावनाएं

इन मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने चांद और पृथ्वी के शानदार दृश्य देखे। उन्होंने इस अनुभव को भावुक और यादगार बताया है। अंतरिक्ष यात्री क्रिस्टीना कोच ने कहा कि चांद को इतने करीब से देखना बेहद खास पल था। इस मिशन में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां भी जुड़ीं, जैसे पहली महिला और पहले गैर-अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री का चांद के पास जाकर लौटना, जिसने इस मिशन को और खास बना दिया।

आगे के मिशनों के लिए खुला रास्ता

इस सफल मिशन के बाद अब नासा का ध्यान अगले चरण पर है। आर्टेमिस II की सफलता से 2028 में चांद पर इंसानों की लैंडिंग का रास्ता साफ हुआ है। यह मिशन न सिर्फ तकनीकी रूप से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि इससे अंतरिक्ष में लंबे समय तक इंसानों की मौजूदगी की तैयारी भी मजबूत हुई है। आने वाले समय में चांद पर बेस बनाने की योजना भी इसी सफलता पर आधारित होगी, जो अंतरिक्ष अन्वेषण को नई दिशा देगा।

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