कभी-कभी अनजाने में हुई गलतियां जिंदगी की सबसे खूबसूरत यादें बन जाती हैं. ऐसा ही एक दिल छू लेने वाला मामला चीन से सामने आया है, जहां दो अमेरिकी यात्री एक ‘हैप्पी फ्यूनरल’ को रेस्टोरेंट समझ बैठे. लेकिन, इस गलतफहमी के बाद जो हुआ, उसने इंसानियत और मेहमाननवाजी की मिसाल पेश कर दी.
कहां और कैसे हुई यह घटना?
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक, यह घटना चीन के हुनान प्रांत के शाओयांग क्षेत्र की है. यहां मशहूर अमेरिकी यूट्यूबर लुडविग एंडर्स अहग्रेन, जिन्हें लुडविग के नाम से जाना जाता है, अपने दोस्त के साथ मोटरसाइकिल से यात्रा कर रहे थे. यात्रा की शुरुआत गुआंगडोंग प्रांत से हुई थी. लक्ष्य था इनर मंगोलिया तक पहुंचना. पांचवें दिन वे रास्ता भटककर एक गांव में पहुंच गए.
Happy Funeral को समझ लिया रेस्टोरेंट
गांव में उन्होंने लालटेन और भीड़ देखी, जिससे उन्हें लगा कि यह कोई रेस्टोरेंट है. थके और भूखे होने के कारण उन्होंने टूटी-फूटी चीनी भाषा में पूछा- क्या हम यहां खाना खा सकते हैं? लेकिन, असल में वह एक हैप्पी फ्यूनरल था, जिसे चीन में Xisang कहा जाता है.
क्या होता है Happy Funeral?
चीन की इस परंपरा में 90 साल या उससे अधिक उम्र तक जीने वाले व्यक्ति के निधन को दुख की बजाय उत्सव की तरह मनाया जाता है. इसे लंबी और सफल जिंदगी का जश्न माना जाता है. आम अंतिम संस्कार से अलग, इसमें खुशी का माहौल होता है. लोग मिलकर भोजन और आयोजन करते हैं. उस दिन एक 104 वर्षीय बुजुर्ग के सम्मान में यह आयोजन किया जा रहा था.
गलतफहमी बनी खूबसूरत अनुभव
स्थानीय व्यक्ति (ली) ने उन्हें पूरी बात समझाई और गांव घुमाया. आसपास के सभी रेस्टोरेंट बंद थे. ऐसे में ली ने दोनों यात्रियों को अपने घर बुलाया. उनके पिता (जो पूर्व शेफ थे) ने खाना बनाया. मेन्यू में शामिल था, ब्रेज्ड पोर्क, फ्राइड एग्स, रोस्टेड गाजर. दिलचस्प बात यह रही कि यात्रियों ने बताया कि वे आमतौर पर पोर्क नहीं खाते, लेकिन उस दिन उन्होंने पूरा खाना खत्म कर दिया.
इंसानियत की मिसाल
भाषा और संस्कृति की दूरी के बावजूद, गांववालों ने जिस तरह से मेहमाननवाजी दिखाई, उसने इस अनुभव को खास बना दिया. आखिर में तीनों ने एक-दूसरे के कॉन्टैक्ट भी शेयर किए, जिससे यह मुलाकात एक यादगार रिश्ता बन गई.

