कन्नूर: केरल के कन्नूर डेंटल कॉलेज में एक 22 वर्षीय दलित स्टूडेंट की मौत के बाद लोगों में भारी गुस्सा है। आरोप है कि कॉलेज के फैकल्टी सदस्यों द्वारा स्टूडेंट की जाति और उसके माता-पिता के दिहाड़ी मजदूर होने को लेकर उसे बार-बार अपमानित और जलील किया जाता था।
नितिन की इमारत से गिरने से हुई मौत
स्टूडेंट की पहचान तिरुवनंतपुरम के उझामलक्कल गांव के रहने वाले नितिन राज आरएल के रूप में हुई है। वह कन्नूर डेंटल कॉलेज में बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी (बीडीएस) का प्रथम वर्ष का छात्र था। स्टूडेंट की शुक्रवार को कॉलेज कैंपस की एक इमारत से गिरने के बाद मौत हो गई थी।
दो फैकल्टी सदस्यों पर केस दर्ज
छात्र के परिवार ने शक जाहिर किया है कि नितिन की मौत में कोई साजिश हो सकती है। कन्नूर पुलिस ने शुरू में अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया था। हालांकि, रविवार को पुलिस ने बीएनएस की धारा 108 के तहत सुसाइड के लिए उकसाने और एससीएसटी एक्ट की धाराएं भी जोड़ दीं है। इस मामले में दो फैकल्टी सदस्यों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
नितिन ने एक ऑनलाइन ऐप से लिया था लोन
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, इस मामले की जांच के लिए कन्नूर के असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस हरिप्रसाद की अगुवाई में एक स्पेशल जांच टीम बनाई गई है। पुलिस ने दावा किया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि नितिन ने एक ऑनलाइन ऐप से लोन लिया था और जब वह लोन चुकाने में नाकाम रहा, तो लोन देने वाली कंपनी के एजेंट उसे फोन पर धमकियां देने लगे। पुलिस ने यह भी दावा किया कि इन एजेंटों ने इस मामले को लेकर कॉलेज के फैकल्टी सदस्यों से भी संपर्क किया था। साइबर पुलिस ने लोन ऐप के एजेंटों द्वारा दी गई कथित धमकियों के आधार पर एक और मामला दर्ज किया है।
नितिन की एक ऑडियो क्लिप आई सामने
वहीं सेल्फ फाइनेंसिंग कॉलेज के मैनेजमेंट ने भी स्टूडेंट के अपमान के आरोप सामने आने के बाद कार्रवाई की है। मैनेजमेंट ने रविवार को एक डिपार्टमेंट हेड और एक एसोसिएट प्रोफेसर को सस्पेंड कर दिया और आरोपों की जांच के आदेश दिए। यह कार्रवाई रविवार को एक ऑडियो क्लिप सामने आने के बाद हुई, जो कथित तौर पर नितिन की है।
‘टीचर ने खुलेआम किया अपमान’
इस ऑडियो क्लिप में नितिन को कथित तौर पर यह कहते हुए सुना जा सकता है कि टीचर ने खुलेआम उसका अपमान किया। नितिन कहता है कि मेरी आंसर शीट क्लासरूम में सभी छात्रों के बीच बांटी गईं और कुछ स्पेलिंग की गलतियां बताई गईं। कल जब मैं उनकी क्लास में था, तो उन्होंने मेरी मां का मजाक उड़ाया। स्टाफ रूम से बाहर आने के बाद, उन्होंने मुझे बेवकूफ कहा। स्टाफ रूम एक ऐसी जगह है जहां हम पर मिलकर हमले किए जाते हैं। टीचर ने मुझसे कहा कि अगर मैंने मुंह खोला, तो मेरे हाथ-पैर काट दिए जाएंगे। वहीं नितिन ने भी उन्हें ऐसा करने की चुनौती दी।
‘क्लासरूम में नितिन को किया जाता था अपमानित’
नितिन की बहन निकिता ने बताया कि उसके भाई को उसके रंग, जाति और माता-पिता के पेशे को लेकर बार-बार अपमानित किया जाता था। निकिता ने बताया कि उसने मुझे बताया था कि डिपार्टमेंट हेड उसे ‘पागल कुत्ता’ कहकर अपमानित करता था। उसे क्लासरूम में भी अपमानित किया जाता था। डिपार्टमेंट हेड क्लासरूम में जब नितिन को अपमानित करता था, तो वह दूसरे छात्रों को हंसाता था। दूसरे छात्रों ने भी पहले डिपार्टमेंट हेड के खिलाफ शिकायत की थी, लेकिन उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
राज्य में बड़े पैमाने पर हो रहा विरोध
पिछले साल सितंबर में नितिन ने इस सेल्फ-फाइनेंसिंग डेंटल कॉलेज में दाखिला लिया था। प्रिंसिपल विनोद मोनी ने टिप्पणी के अनुरोधों का कोई जवाब नहीं दिया है। छात्र की मौत के बाद राज्य भर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। राज्य मानवाधिकार आयोग ने इस घटना पर कन्नूर शहर के पुलिस कमिश्नर से रिपोर्ट मांगी है। केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने भी छात्र की मौत के बाद परिवार से मुलाकात की है।
स्टूडेंट के मौत की उच्च-स्तरीय जांच की मांग
कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य रमेश चेन्निथला ने नितिन राज की मौत की उच्च-स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने एक बयान में कहा कि पुलिस को इस आरोप को गंभीरता से लेना चाहिए कि नितिन को जाति और रंग के आधार पर अपमान का सामना करना पड़ा था। फैकल्टी सदस्यों के खिलाफ की जाने वाली कार्रवाई केवल निलंबन तक ही सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केरल जो खुद को प्रगतिशील और पुनर्जागरण आंदोलनों का गढ़ बताता है, वहां जाति के आधार पर होने वाला भेदभाव चौंकाने वाला है। एलडीएफ शासन के पिछले दशक के दौरान, एससी/एसटी समुदायों पर होने वाले हमलों में कई गुना बढ़ोतरी हुई है।

