भुवनेश्वर: ओडिशा में उस समय हड़कंप मच गया, जब भुवनेश्वर के गंगा नगर इलाके के रहने वाले शेख इमरान (22) को गिरफ्तार किया गया। शेख इमरान को दिल्ली पुलिस और ओडिशा क्राइम ब्रांच ने कट्टरपंथी समूह से कथित संबंधों के आरोप में गिरफ्तार किया। राज्य पुलिस के सूत्रों के अनुसार, इमरान ने कथित तौर पर आतंकवाद से जुड़ी ‘साइबर ट्रेडक्राफ्ट’ (साइबर तकनीक) में एक छोटी अवधि का प्रशिक्षण लिया था। उसके आतंकी संगठन को जॉइन करने की कहानी हनी ट्रैप से शुरू हुई।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक शेख इमरान को कथित तौर पर एक संदिग्ध पाकिस्तानी महिला ने ‘हनी-ट्रैप’ में फंसाया था। हनी ट्रैप में फंसाने के बाद उस महिला ने उसे इस आतंकी समूह में शामिल होने के लिए मजबूर किया।
सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी महिला से मिला
कमिश्नरेट पुलिस के एक लिखित बयान में कहा गया है कि अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स के ज़रिए वह एक करीबी समूह के संपर्क में आया। इस ग्रुप में धार्मिक आधार पर कट्टरपंथी सामग्री प्रसारित की जाती थी।
पाकिस्तानी महिला से मिलने कई बार गया दिल्ली
ओडिशा पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि इमरान पिछले एक साल में कई बार दिल्ली गया था। वह वहां उस पाकिस्तानी महिला से मिला। उस महिला ने उसे विध्वंसक गतिविधियों में इस्तेमाल होने वाली विशेष साइबर तकनीकों को सीखने के लिए एक सप्ताह के कार्यक्रम में शामिल करवाया।
खंगाली जा रही पाकिस्तानी महिला के साथ चैट की डीटेल
ओडिशा की क्राइम ब्रांच की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) संगठित अपराध और आतंकवाद की जांच के लिए नोडल एजेंसी है। यह एसटीएफ उस पाकिस्तानी महिला के साथ उसकी ऑनलाइन चैट्स का विश्लेषण कर रही है। STF के SP रबी सतपथी ने कहा कि हनी-ट्रैप और साइबर आतंकवाद प्रशिक्षण से जुड़े पहलुओं की पुष्टि की जा रही है। उन्होंने आगे कहा कि वे यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या ओडिशा के कोई अन्य लोग भी इस कट्टरपंथी समूह का हिस्सा थे। उन्होंने कहा कि इमरान की पृष्ठभूमि की गहन जांच की जा रही है।
ऐसे सामने आया शेख इमरान का नाम
राज्य पुलिस, दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय स्थापित करते हुए, इमरान की पृष्ठभूमि की जांच कर रही है। इसमें उसकी सोशल मीडिया गतिविधियां, वित्तीय लेन-देन और कॉल रिकॉर्ड शामिल हैं। जांच अधिकारियों ने बताया कि पिछले सप्ताह दिल्ली में हिरासत में लिए गए कई युवकों से पूछताछ के दौरान शेख इमरान का नाम सामने आया था। इमरान के परिवार ने इन आरोपों पर गहरा सदमा और हैरानी जताई है।
जहां एक ओर पुलिस ने शेख इमरान को बेरोज़गार बताया है, वहीं आमिर का दावा है कि उसका बेटा एक ऑनलाइन फ़ूड एग्रीगेटर (खाना पहुंचाने वाली कंपनी) के लिए डिलीवरी एजेंट के तौर पर काम करता था। आमिर ने कहा कि वह अक्सर मुझसे पैसे मांगता था। मैंने उससे कोई काम-धंधा ढूंढ़ने के लिए कहा था, और वह कहता था कि वह फ़ूड डिलीवरी का काम कर रहा है, हालांकि मुझे कभी इस बात का पूरा यकीन नहीं हुआ।

