बेंगलुरु : हॉस्टल के साथियों के बीच एक आम शाम थी। अचानक माहौल तनावपूर्ण हो गया। घंटों तक सर्च अभियान चला और पूरे राज्य की पुलिस अलर्ट मोड पर आ गई। मामला था हॉस्टल से एक 19 साल के एक छात्र की किडनैपिंग का। किडनैपर्स ने छात्र के घरवालों से फिरौती मांगी थी और पुलिस को सूचना न देने की चुनौती दी थी। उन्होंने अगवा छात्र के घरवालों से कहा कि अगर वह पुलिस को खबर देंगे तो वे उनके बेटे के टुकड़े करके उनके घर भेज देंगे। आखिरकार पुलिस ने केस सुलझाया, पर जो आरोपी पकड़े गए, उससे हर कोई हैरान था। छात्र को उसके ही क्लास के अन्य चार छात्रों ने किडनैप किया था। खुशकिस्मती से, उसी रात पुलिस के एक तेज़ ऑपरेशन के बाद उन्हें ढूंढ निकाला गया और बचा लिया गया।

जैन डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी में बैचलर ऑफ़ मैनेजमेंट स्टडीज़ के फर्स्ट ईयर में पढ़ने वाले छात्र ऋषभ मोहंती का अपहरण हो गया था। उसी संस्थान के चार छात्रों के एक गैंग ने उसे अगवा कर लिया। एक इमरजेंसी कॉल और उसके बाद मिली शिकायत पर कार्रवाई करते हुए, मडीवाला पुलिस ने तीन घंटे के अंदर उसे बचा लिया और चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

ओडिशा का पीड़ित, बिहार, जमशेदपुर, बेंगलुरु और केरल के आरोपी

पुलिस ने बताया कि जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें आदित्य भोंसले उर्फ ​​आदित्य रॉक्सी, शौर्य अग्रवाल, सैयद बिलाल और निकुंज हैं। छात्र ऋषभ मोहंती ओडिशा के रहने वाला है। जबकि अन्य छात्र बेंगलुरु, बिहार, केरल और जमशेदपुर के रहने वाले हैं। ये सारे छात्र BTM लेआउट 1st स्टेज में एक हॉस्टल में साथ रहते रह रहे थे।

हॉस्टल के सामने से कार में ले गए

पुलिस ने बताया कि थर्ड ईयर के BCA छात्र यश ने पुलिस को ऋषभ के किडनैप होने की सूचना दी। यश ऋषभ का रूममेट है। शिकायत के अनुसार, यह घटना शाम 7.50 बजे से 8.10 बजे के बीच हुई। आरोप है कि ऋषभ मोहंती को हॉस्टल के सामने से टाटा टियागो (रजिस्ट्रेशन नंबर KA-05-NJ-4238) में ज़बरदस्ती बिठाया गया।

रूममेट को आई फिरौती की कॉल

परेशानी का पहला संकेत रात करीब 8.40 बजे मिला, जब यश जैन अपने एक और हॉस्टल साथी, आदित्य मेवाड़ के साथ JP नगर में थे और उन्हें एक घबराया हुआ कॉल आया, जिसमें उन्हें अपहरण के बारे में बताया गया। करीब आधे घंटे बाद, स्थिति और बिगड़ गई। ऋषभ मोहंती के फ़ोन से एक कॉल आया। आदित्य मेवाड़ ने किडनैपर्स का उठाया। कॉल करने वाले ने 50,000 रुपये की फिरौती मांगी और धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो उसे मार दिया जाएगा।

रात 1 बजे दर्ज कराई एफआईआर

घबराकर, छात्र तुरंत वापस लौटे और पुलिस हेल्पलाइन 112 पर कॉल करने से पहले खुद ही खोजबीन शुरू कर दी। यह अपहरण के लगभग चार घंटे बाद, रात करीब 1 बजे की बात है। इसके बाद एक औपचारिक शिकायत दर्ज की गई, जिससे पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी।

ऐसे किडनैपर्स तक पहुंची पुलिस

ACP पी वासुदेव वीके और इंस्पेक्टर मोहम्मद एमए के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने मिलकर एक ऑपरेशन शुरू किया। पुलिस ने यश जैन और आदित्य मेवाड़ को अपहरणकर्ताओं के संपर्क में बनाए रखा, और उनसे छोटी-छोटी रकम 1,000 रुपये और 2,000 रुपये ट्रांसफर करने को भी कहा, ताकि समय मिल सके और पीड़ित को कोई नुकसान न पहुंचे। इसके साथ ही, अधिकारियों ने ऋषभ मोहंती के मोबाइल फ़ोन को ट्रैक किया, जिससे वे जयनगर में बिलाल के घर तक पहुंच गए। टीम ने अंदर जाकर ऋषभ को बचा लिया।

जांचकर्ताओं ने बताया कि मोहंती को घर के अंदर बंद करके रखा गया था और उसे एक एयर पिस्टल और चाकू से धमकाया जा रहा था। आरोप है कि गिरोह ने उसे ज़बरदस्ती यह चुनने के लिए कहा कि उसे टॉर्चर करने के लिए किस हथियार का इस्तेमाल किया जाए।

महाराष्ट्र का रहने वाला रॉक्सी

रॉक्सी, जिसकी पहचान यूनिवर्सिटी के एक पुराने स्टूडेंट के तौर पर हुई है, मूल रूप से महाराष्ट्र का रहने वाला है; लेकिन वह अपने साथियों के बीच खुद को वहीं का लोकल बताता था और अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर इसी नकली नाम का इस्तेमाल करता था। बाकी तीनों आरोपी फ़िलहाल उसी संस्थान में पढ़ रहे हैं।

पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने दावा किया कि ऋषभ मोहंती पर उनका कुछ पैसा बकाया था। हालांकि मोहंती ने इस दावे से साफ़ इनकार कर दिया है। पुलिस ने बताया कि अभी तक इस आरोप के समर्थन में कोई भी सबूत नहीं मिला है। किडनैपिंग में इस्तेमाल हुई कार को ज़ब्त कर लिया गया है, साथ ही एयर पिस्टल और चाकू भी बरामद कर लिए गए हैं। रविवार को चारों आरोपियों को एक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

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