आईटी सेक्टर में कार्यस्थल सुरक्षा को लेकर पहले भी कई सवाल उठते रहे हैं। कंपनियां अक्सर जीरो टॉलरेंस की नीति का दावा करती हैं, लेकिन जमीनी सच्चाई कई बार अलग नजर आती है। नासिक स्थित टीसीएस (TCS) बीपीओ में एचआर हेड की गिरफ्तारी के बाद सामने आया यौन उत्पीड़न मामला अब केवल व्यक्तिगत स्तर का नहीं रह गया है, बल्कि यह संस्थागत विफलता का गंभीर उदाहरण बनकर उभरा है। इसी कड़ी में अब कई दूसरी कंपनियों से जुड़े विवाद भी सामने आने लगे है जिसके चलते चिंता बढ़ गई है।

2022 से 2026 तक कई शिकायतें दर्ज

TCS के खिलाफ दायर एफआईआर के अनुसार फरवरी 2022 से मार्च 2026 के बीच कई महिला कर्मचारियों ने बार-बार शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन कंपनी के आंतरिक तंत्र ने इन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। जांच में यह भी सामने आया कि शिकायतकर्ताओं को चुप रहने की सलाह दी जाती थी और कहा जाता था कि यह सब होता रहता है। इस तरह की प्रतिक्रिया ने पीड़ितों का मनोबल तोड़ा और मामले को और गंभीर बना दिया। विवाद बढ़ने के बाद कंपनी ने नासिक के सभी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम के निर्देश दिए हैं, जिससे स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है।

इंफोसिस में महिला कर्मचारियों के साथ अनुचित व्यवहार

इस मामले की गूंज अब पुणे तक पहुंच चुकी है, जहां इंफोसिस के बीपीएम यूनिट में महिला कर्मचारियों के साथ अनुचित व्यवहार के आरोप सामने आए हैं। सोशल मीडिया पर इस मुद्दे ने तेजी से तूल पकड़ा, जिससे पूरे आईटी सेक्टर की छवि प्रभावित हो रही है। हालांकि इंफोसिस ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कंपनी जीरो टॉलरेंस नीति पर काम करती है और एक स्वतंत्र समिति द्वारा मामले की जांच की जा रही है। उद्योग संगठन नैसकॉम ने इसे अलग मामला बताते हुए सेक्टर की साख बचाने की कोशिश की है, लेकिन इस घटनाक्रम ने कंपनियों की नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

लेंसकार्ट विवाद: सांस्कृतिक संवेदनशीलता पर बहस

इसी बीच लेंसकार्ट के एक पुराने स्टाइल गाइड ने नया विवाद खड़ा कर दिया। इसमें कर्मचारियों के लिए बिंदी, तिलक और कलावा जैसे प्रतीकों पर रोक जबकि हिजाब को अनुमति देने की बात सामने आई, जिससे सोशल मीडिया पर भारी आक्रोश देखने को मिला। बढ़ते विरोध के बाद कंपनी के सीईओ पीयूष बंसल ने बिना शर्त माफी मांगते हुए इसे पुराना दस्तावेज बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कंपनी भारतीय परंपराओं का सम्मान करती है और किसी भी धार्मिक प्रतीक पर कोई प्रतिबंध नहीं है। इस विवाद ने कार्यस्थल पर सांस्कृतिक संतुलन और नीतिगत स्पष्टता की आवश्यकता को फिर उजागर किया।

नासिक कांड की जांच जारी

फरवरी 2022 से मार्च 2026 के बीच टीसीएस नासिक में 8 महिला कर्मचारियों ने सीनियर सहयोगियों पर यौन शोषण, जबरन नमाज पढ़वाने और बीफ खिलाकर धर्मांतरण के दबाव जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले में अब तक एचआर मैनेजर समेत 7 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया हैं।

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