नई दिल्ली –  संसदीय कार्यमंत्री किरण रिजिजू ने कहा है कि शनिवार को समाप्त बजट सत्र ऐतिहासिक रहा है लेकिन इस सत्र में कांग्रेस तथा उसके सहयोगी दलों पर महिला विरोधी होने का जो दाग लगा है वह कभी मिटेगा नहीं और आक्राेशित देश कीै महिलाएं अपने अधिकार छीनने के लिए इन दलों को कभी माफ नहीं करेगी।

श्री रिजिजू ने आज यहां संसद भवन परिसर में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि संसद के बजट सत्र की 16 अप्रैल से शुरु हुई तीन दिन की विस्तारित बैठक में नारी वंदन अधिनियम लाया गया लेकिन दो दिन चली चर्चा के बाद कांग्रेस तथा इंडिया गठबंधन के अन्य दलों के महिला विरोधी होने के कारण इसे पारित नहीं किया जा सका। उन्होंने इस विधेयक का विरोध करने के लिए विपक्षी दलों पर तीखा हमला किया और कहा कि कांग्रेस के साथ ही जो भी राजनीतिक दल महिलाओं के अधिकार छीनने के लिए इस विधेयक के विरोध में खड़े हुए उन्हें देश की महिलाएं कभी माफ नहीं करेंगी क्योंकि यह कांग्रेस तथा उसके सहयोगियों ने बहुत बड़ा पाप किया है।

उन्होंने कहा कि बजट का आज अंतिम दिन था और पूरे बजट सत्र के 81 दिनों की अवधि में सदन की कुल 31 बैठकें हुई। जनवरी 28 से शुरु हुए इस सत्र के अंतिम दिन 18 अप्रैल तक इसकी उत्पादकता बहुत ऐतिहासिक रही है। संसद की समवेत बैठक के बाद बजट सत्र में केंद्रीय बजट पेश होने के साथ ही विभिन्न मंत्रालयों तथा विभागों से संबंधित अनुदान मांगों पर चर्चा की गई और वित्त विधेयक को पारित किया गया। सत्र का पहला चरण 13 फरवरी तक चला और दूसरा 9 मार्च को शुरु हुआ और दो अप्रैल तक चला। सत्र की विस्तारित तीन दिन की बैठक 16 अप्रैल से शुरु हुई और आज समाप्त हो गई।

उन्होंने कहा कि इस सत्र के दौरान प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर पर संसद के दोनों सदनों में बयान दिये। उनका कहना था कि यह सत्र ऐतिहासिक रहा है। इस दौरान देश से वामपंथी उग्रवाद को खत्म करने की संसद में घोषणा हुई है। उनका कहना था कि जम्मू कश्मीर में भी लगभग शांति है और पूर्वोत्तर में मणिपुर में आपसी कारणों से माहौल में कुछ गड़बडि़यों के अलावा पूरे देश में शांति का माहौल है और यह भारत सरकार की बहुत बड़ी उपलब्धि है।

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