रायपुर। राजधानी रायपुर से समपीस्थ दुर्ग जिले के अमलेश्वर थानांतर्गत ग्राम खुड़मुड़ा में हुए सामूहिक हत्याकांड के एकमात्र इकलौते प्रत्यक्षदर्शी 11 वर्षीय बालक ने बताया कि उस रात क्या हुआ था। बालक ने बताया कि वो अंकल रात को साइकिल से आए। मैं उन्हें नहीं पहचानता था। बाबूजी उन्हें जानते थे। इसलिए उन्हें खाने पर रोक लिया। हमारे घर चिकन बना था। उन्होंने हमारे साथ भोजन किया। रात ज्यादा हो गई थी। इसलिए पिताजी ने उन्हें वहीं सोने को कहा। मैं मां के साथ सो गया। वो पिताजी के साथ अलग कमरे में सो गए। नींद लगने के पता नहीं कितनी देर बाद मां के चीखने की आवाज से मैं घबराकर उठा। मैंने मां को आवाज लगाई तो वो अंकल भागकर मेरी तरफ आए और मेरे सिर को दीवार से टकराया। उसके बाद मुझे कुछ याद नहीं आंख खुली तो मां आंगन में खून से लथपथ पड़ी थी। अमलेश्वर के खुड़मुड़ा गांव में एक ही परिवार के चार सदस्यों की नृशंस हत्या के मामले में पुलिस को जानकारी सोमवार की सुबह करीब 8 बजे मिली। घटना स्थल पर सबसे पहले पहुंचने वाले युवक और उसकी मां से टीम ने कई बार पूछताछ की। पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि रोहित अपनी मां दुलारी बाई, पत्नी कीर्तिन, पिता बालाराम, बेटे दुर्गेश, तोरण, बेटी वर्षा और ईश्वरी के साथ रहता था। रोहित ने अपने परिवार के साथ रहने के लिए एक मकान बनाया हुआ था। रोहित पिता के साथ डेढ़ एकड़ जमीन पर सब्जी लगा रखी थी। बाकी की जमीन में खेती करते थे। रविवार शाम 5 बजे गंगाप्रसाद की अपने पिता से मुलाकात हुई थी। सोने चांदी के जेवर और कैश गायब है। पुलिस को शंका है संपत्ति विवाद के चलते घटना हुई। संजय ने बताया कि सुबह करीब 8 बजे उसने भाई रोहित के मोबाइल पर फोन लगाया था। इस पर भतीजे दुर्गेश ने फोन उठाया। उसने बताया कि मां आंगन में सो रही है। बाकी लोग कहां हैं उसकी जानकारी नहीं है। अंकल ने जाते समय उसके सिर को दीवार पर ठोका और फरार हो गए। यह बोलकर उसने फोन काट दिया। जब वह पहुंचा तो भाभी कीर्तिन बाई आंगन पर खून से लथपथ हालत में पड़ी थी। पानी की टंकी में महिला की साड़ी पड़ी हुई दिखी। भतीजा बेसुध हालत में पड़ा था। इसके बाद मैंने फोन लगाकर अपने परिजन को मौके पर बुलाया। करीब 1 घंटे पर एम्बुलेंस आ गई। पुलिस की जांच में पता चला है कि बच्चे से मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी रोहित के साथ सोया था। आरोपी ने रोहित को सोते समय ही गला दबा कर हत्या कर दी। इसके बाद उसके शव को पानी की टंकी में फेंक दिया। इसी दौरान संभवत:रोहित के माता पिता जाग गए। आरोपी ने दोनों को ठिकाने लगाने के लिए सिर पर राड मारकर हत्या कर दी। दोनों के चिल्लाने की आवाज सुनकर रोहित की पत्नी भाग कर सास-ससुर के घर के पास पहुंच गई होगी। जिसके बाद आरोपी ने रोहित की पत्नी के सिर पर चटनी पीसने वाले सिलबट्टे से सिर पर हमला करके मौत के घाट उतार दिया। पुलिस की प्राथमिक जांच में पता चला है कि रोहित की पत्नी कीर्तिन और उसकी मां दुलारी बाई की हत्या हुई है। जबकि हत्या के बाद से रोहित और बालाराम फरार है। इससे दोनों पर हत्या करने की शंका हो गई थी। इसके चलते उनकी तलाश की भी प्लानिंग करने टीम भी तैयार करने में जुट गए। लेकिन मौके पर फॉरेंसिक टीम के आने के बाद सबसे पहले पानी की टंकी से दुलारी बाई का शव निकाला गया। इसके बाद टंकी में डंडा डालकर देखा गया तो बालाराम का शव बरामद हो गया। शव निकालने के बाद दोबारा पानी की टंकी में तलाश की गई तो रोहित का शव भी मिल गया। जांच के लिए घटना स्थल पर पहुंचे फॉरेंसिक एक्सपर्ट डीएल चंद्रा ने बताया कि घटना सुबह 4 से 5 बजे के बीच की लग रही है। शव परीक्षण में पता चला कि कीर्तिन बाई के सिर पर सिलबट्टा मारकर मौत के घाट उतारा गया था। जबकि रोहित का गला दबाकर हत्या की गई । इसी तरह दुलारी बाई और उसके पति बालाराम के सिर पर लोहे की राड से हमला किया गया था। तीनों की मौत होने के बाद शव पानी की टंकी में फेंक दिया गया था। जबकि कीर्तिन बाई का शव आंगन में पड़ा मिला था। पुलिस को मौके से रोहित का मोबाइल भी मिला है। फॉरेंसिक टीम की जांच जारी है।
