आम आदमी पार्टी (AAP) की वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल (Swati Maliwal) ने शुक्रवार को पार्टी छोड़ने की घोषणा की थी। यह फैसला ऐसे समय आया जब पार्टी के भीतर राजनीतिक हलचल तेज हो गई थी। इससे पहले AAP सांसद राघव चड्ढा के एक दावे ने भी सियासी माहौल को और गरमा दिया था, जिसमें कहा गया था कि कुछ सांसद पार्टी बदल सकते हैं। आइए जानते हैं पूर्व CM अरविंद केजरीवाल और स्वाति मालीवाल में क्या विवाद रहा है और उन पर क्या आरोप है।

कब शुरू हुआ विवाद?

आम आदमी पार्टी (AAP) की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बीच का विवाद मई 2024 में एक बड़े कांड के रूप में सामने आया। यह विवाद सीधे केजरीवाल पर नहीं, बल्कि उनके बेहद करीबी सहायक बिभव कुमार पर स्वाति मालीवाल के गंभीर आरोपों से जुड़ा है। घटना केजरीवाल के सरकारी आवास पर हुई थी, जिसने पूरे राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी। स्वाति मालीवाल ने बिभव कुमार पर मारपीट, थप्पड़ मारने और शारीरिक हमले का आरोप लगाया, जबकि AAP ने इसे राजनीतिक साजिश बताया।

क्या हुआ था 13 मई 2024 को?

स्वाति मालीवाल के अनुसार, वे 13 मई 2024 को अरविंद केजरीवाल से मुलाकात करने के लिए उनके सरकारी आवास पर गई थीं। वहां केजरीवाल के निजी सहायक (पर्सनल असिस्टेंट) बिभव कुमार ने उन पर हमला कर दिया। स्वाति ने दिल्ली पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसमें विस्तार से आरोप लगाए गए।

स्वाति मालीवाल के आरोप

  • बिभव कुमार ने उन्हें 7-8 बार थप्पड़ मारे, जबकि वे चीख रही थीं।
  • उनके छाती, पेट और पेल्विस एरिया में लात मारी।
  • उन्हें बेरहमी से घसीटा और शर्ट ऊपर खींची।
  • स्वाति ने बताया कि वे बिभव को बार-बार रोकने को कह रही थीं, यहां तक कि माहवारी के दौरान दर्द होने की बात भी कही, लेकिन बिभव नहीं रुके।
  • हमला इतना जोरदार था कि कोई भी उनके बचाव में नहीं आया।
  • AIIMS के मेडिकल रिपोर्ट में स्वाति के चेहरे (दाएं गाल) और बाएं पैर पर चोट के निशान पाए गए।

स्वाति मालीवाल ने इस घटना को लेकर केजरीवाल के घर की सुरक्षा व्यवस्था और बिभव कुमार की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केजरीवाल के आवास पर ऐसा हमला कैसे हो सकता है और क्यों कोई नहीं बोला?

बिभव कुमार ने आरोपों से किया इनकार

बिभव कुमार ने सभी आरोपों से इनकार किया। उन्होंने स्वाति मालीवाल के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराने की मांग की। AAP ने शुरू में स्वीकार किया कि बिभव ने बदसलूकी की, लेकिन बाद में पार्टी ने स्वाति पर BJP से हाथ मिलाने का आरोप लगाया। AAP ने दावा किया कि यह घटना राजनीतिक साजिश है और स्वाति मालीवाल को BJP एजेंट बताया। कुछ वीडियो सामने आए, जिनमें स्वाति मालीवाल को केजरीवाल के स्टाफ से बहस करते दिखाया गया। दिल्ली पुलिस ने 18 मई 2024 को बिभव कुमार को गिरफ्तार किया। चार्जशीट (500 पेज) दाखिल की गई।

बिभव कुमार पर अदालती कार्रवाई

  • बिभव कुमार को कई महीनों (लगभग 100 दिन) जेल में रहना पड़ा। सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर 2024 में उन्हें जमानत दे दी, लेकिन शर्तें लगाईं वे केजरीवाल के आवास पर नहीं जा सकते, न ही उन्हें फिर से PA के रूप में बहाल किया जा सकता है, और केस की सुनवाई पूरी होने तक मीडिया में कुछ नहीं बोल सकते।
  • 2025 में दिल्ली कोर्ट ने बिभव कुमार की चार्जेस पर चुनौती खारिज कर दी। केस अभी भी ट्रायल कोर्ट में चल रहा है (अपडेट जनवरी 2025 तक)।
  • इस मामले ने AAP में दरार पैदा कर दी। स्वाति मालीवाल ने पार्टी पर सवाल उठाए, जबकि केजरीवाल पर विपक्ष (खासकर BJP) ने महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता का आरोप लगाया।
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