मुंबई में एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां करीब तीन दशक पुराने एनकाउंटर का बदला लेने के लिए एक युवक ने कथित मुखबिर की हत्या कर दी. इस मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी और उसके साथी को नागपुर से गिरफ्तार किया है.
पुलिस के मुताबिक, 1999 में एनकाउंटर में मारे गए गैंगस्टर शादिक कालिया के भतीजे शादिक जावर ने अपने चाचा की मौत के लिए जिम्मेदार माने जा रहे 78 साल के इकबाल इब्राहिम सेलिया की हत्या की साजिश रची. आरोप है कि सेलिया ने उस समय एनकाउंटर स्पेशलिस्ट दया नायक की टीम को सूचना दी थी.
दो हमलावरों ने कर दी मुखबिर की हत्या
20 अप्रैल की शाम नागपाड़ा स्थित सेलिया के घर में उस वक्त हमला किया गया, जब परिवार के अन्य सदस्य बाहर थे. दो हमलावरों ने धारदार हथियार से 20 से ज्यादा वार कर उनकी बेरहमी से हत्या कर दी. बाद में जब पत्नी और बेटा घर लौटे तो उन्हें खून से लथपथ शव मिला.
हत्या के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए. सीसीटीवी फुटेज में उनकी गतिविधियां कैद हुईं, जिसके आधार पर पुलिस ने उनकी लोकेशन ट्रेस की. जांच में सामने आया कि वारदात के बाद दोनों आरोपी अंटोप हिल, विद्याविहार होते हुए कल्याण पहुंचे और वहां से नागपुर भाग निकले.
क्राइम ब्रांच ने आरोपी को किया गिरफ्तार
टेक्निकल एविडेंस के आधार पर क्राइम ब्रांच ने 29 साल के शादिक जावर और उसके साथी 22 साल के नौशाद मिथानी को नागपुर से गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में दोनों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है. पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि शादिक कालिया 90 के दशक में कालाचौकी इलाके में फुटपाथ पर जूते बेचता था. बाद में वह अंडरवर्ल्ड से जुड़ा और छोटा शकील गैंग का हिस्सा बन गया.
नवंबर 1999 में एक बड़े नेता की हत्या की साजिश के दौरान दया नायक की टीम ने उसे घेरकर मार गिराया था. बताया जा रहा है कि उस वक्त शादिक जावर महज 2 साल का था, लेकिन बड़े होने पर उसने अपने चाचा की मौत का बदला लेने की ठान ली. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है.

