मई 2026 में आने वाला प्रदोष व्रत भक्तों के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह की शुरुआत के साथ ही इस व्रत का महत्व और भी बढ़ जाता है। मान्यता है कि प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा करने पर जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता की प्राप्ति होती है। ऐसे में जानना जरूरी है कि मई 2026 में प्रदोष व्रत कब-कब पड़ेगा और इसका शुभ पूजा मुहूर्त क्या रहेगा।

ज्येष्ठ माह 2026 कब से कब तक?

साल 2026 में ज्येष्ठ माह की शुरुआत 2 मई (शनिवार) से हो रही है और यह 29 जून 2026 तक चलेगा।
इस दौरान 17 मई से 15 जून तक अधिक ज्येष्ठ माह रहेगा, जिससे इस पूरे मास की अवधि लगभग 60 दिनों की हो जाएगी।

प्रदोष व्रत भगवान शिव की कृपा पाने का अत्यंत शुभ दिन माना जाता है। मई महीने में यह व्रत दो बार रखा जाएगा।

  • पहला प्रदोष व्रत: 14 मई 2026
  • दूसरा प्रदोष व्रत: 28 मई 2026

पहला- प्रदोष व्रत 14 मई 2026

  • त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: 14 मई, सुबह 11:20 बजे
  • त्रयोदशी तिथि समाप्त: 15 मई, सुबह 08:31 बजे
  • शिव पूजा का शुभ समय: शाम 07:04 बजे से 09:09 बजे तक

दूसरा – प्रदोष व्रत 28 मई 2026

त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: 28 मई, सुबह 07:56 बजे
त्रयोदशी तिथि समाप्त: 29 मई, सुबह 09:50 बजे
शिव पूजा का शुभ समय: शाम 07:12 बजे से 09:15 बजे तक

कैसे करें भगवान शिव को प्रसन्न?

प्रदोष व्रत केवल उपवास नहीं, बल्कि मन, वचन और कर्म की शुद्धि का दिन है। अगर आप इस दिन कुछ बातों का ध्यान रखें, तो इसका फल कई गुना बढ़ सकता है।

क्या करें

संध्याकाल में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें।
शिव चालीसा या कथा का पाठ करें।
मंदिर या जरूरतमंद लोगों को दान दें।
घर और पूजा स्थल की साफ-सफाई रखें।

किन बातों से बचें

तामसिक भोजन (लहसुन, प्याज, मांस, शराब) से दूर रहें।
क्रोध, विवाद और नकारात्मक सोच से बचें।
काले कपड़े पहनने से परहेज करें।
बड़ों और महिलाओं का सम्मान करें।

(यहाँ दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओ पर आधारित है किसी भी उपाय को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ से परामर्श करे।)

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