चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर और मगरा हाट पश्चिम क्षेत्रों के 15 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराने का आदेश दिया है। इन 15 मतदान केंद्रों में 143-डायमंड हार्बर एसी के चार और 142-मगराहाट पश्चिम एसी के 11 मतदान केंद्र शामिल हैं, जहां पर शनिवार को दोबारा वोटिंग की जाएगी। आयोग ने यह फैसला मतदान के दौरान अनियमितता की शिकायतों पर लिया है। पश्चिम बंगाल विधानसभा की 294 सीटों के लिए पहले चरण में 152 सीटों पर 23 अप्रेल को, जबकि दूसरे चरण में 29 अप्रेल को 142 सीटें पर वोट डाले गए थे। विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। दोनों चरणों में 92.93 फीसदी मतदान हुआ।
मतगणना केंद्रों पर केंद्रीय कर्मियों की तैनाती को टीएमसी ने चुनौती दी
तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना में केवल केंद्रीय कर्मियों को मतगणना पर्यवेक्षक बनाने का विरोध किया है। पार्टी ने चुनाव आयोग के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और तत्काल सुनवाई की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट ने टीएमसी की इस याचिका पर सुनवाई के लिए विशेष पीठ का गठन किया है। सुनवाई शनिवार को होगी। इससे पहले कलकत्ता हाईकोर्ट ने टीएमसी की याचिका खारिज करते हुए कहा, चुनाव आयोग को यह अधिकार है कि वह मतगणना पर्यवेक्षक के रूप में राज्य या केंद्र सरकार के कर्मचारियों में से किसी को भी नियुक्त कर सकता है। इसमें कुछ भी गैरकानूनी नहीं है।
ईवीएम स्ट्रांग रूम खोलने पर 5 अधिकारी निलंबित
ईवीएम स्ट्रांग रूम मामले में बीजेपी नेता की शिकायत पर चुनाव आयोग ने कड़ा एक्शन लेते हुए 6 अधिकारियों को निलंबित कर दिया। इनमें डायमंड हार्बर के पुलिस अधिकारियों पर तृणमूल कांग्रेस के पक्ष में काम करने का आरोप था। इसके अलावा एसपी डॉ. ईशानी पाल को भी चेतावनी दी गई है। गुरुवार रात मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हेरफेर का आरोप लगाते हुए भवानीपुर के एक ईवीएम स्ट्रांग रूम में 4 घंटे रहीं।

