मुंबई : पुणे खंड पर वाहनों का आवागमन शुरू होने के एक दिन बाद मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के मुंबई की ओर जाने वाले मार्ग को शनिवार दोपहर वाहनों के लिए खोल दिया गया। उद्घाटन के लिए बनाए गए ढांचे को हटाने और सफाई कार्य के कारण इसमें कुछ देरी हुई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की उपस्थिति में एक दिन पहले 13.3 किलोमीटर लंबे इस मार्ग का उद्घाटन किया था। यह एक्सप्रेसवे के भोर घाट खंड से होकर गुजरता है और इस मार्ग के कारण मुंबई एवं पुणे के बीच यात्रा के समय में 25 से 30 मिनट की कमी आई है। मिसिंग लिंक के खुलते ही यह पिकनिक स्पॉट में तब्दील हो गया।

इधर महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) ने शनिवार को यात्रियों को इस हिस्से पर रुकने के खिलाफ चेतावनी दी। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि यह हाई-स्पीड कॉरिडोर कोई टूरिस्ट या पिकनिक स्पॉट नहीं है। MSRDC के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि 13.3 किलोमीटर का यह पूरा एक्सेस-कंट्रोल्ड हिस्सा 24/7 निगरानी में है। इसके लिए एक बड़ा कैमरा नेटवर्क लगाया गया है जो दोनों सुरंगों और केबल-स्टेड पुल को कवर करता है।

मिसिंग लिंक पर लोगों ने मनाया जश्न

‘मिसिंग लिंक’ परियोजना मुंबई की ओर रायगढ़ जिले के खोपोली को पुणे जिले के लोनावला के पास कुसगांव से जोड़ती है। मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक, इंजीनियरिंग का एक ऐसा कमाल जिसे खतरनाक खंडाला घाट की चढ़ाई में लगने वाले 30 मिनट बचाने के लिए डिज़ाइन किया गया है, आधिकारिक तौर पर अपने खूबसूरत हिस्सों के लिए खुल गया है, और यात्रियों ने इस पर जमकर जश्न मनाया।

सड़क पर गाड़ियों के रुकने से ट्रैफिक का बहाव बाधित होता है और सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा होता है। कड़ी निगरानी रखी जा रही है, और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। केबल-स्टेड पुल पर रुकने वाली कई गाड़ियों की फुटेज पहले ही रिकॉर्ड कर ली गई है।

MSRDC ऑफिसर

मिसिंग लिंक के किनारे गाड़ियों की कतारें

Instagram हैंडल @aartistic_nari द्वारा मूल रूप से पोस्ट किया गया और X यूज़र हर्षित ने एक वीडियो पोस्ट किया। यह वीडियो वायरल हो गया है, जिसमें हाई-स्पीड कॉरिडोर के किनारे दर्जनों कारें कतार में खड़ी दिखाई दे रही हैं। वहां पिकनिक स्पॉट जैसा माहौल पूरी तरह से छाया हुआ था। परिवार अपनी गाड़ियों से बाहर निकलकर सेल्फ़ी ले रहे थे और केबल-स्टेड ब्रिज तथा आस-पास की हरियाली को देखकर हैरान हो रहे थे।

हालांकि यहां का इंफ्रास्ट्रक्चर वर्ल्ड-क्लास है, लेकिन इंटरनेट पर इस बात पर बहस चल रही है कि क्या लोगों के पास सिविक सेंस नहीं है। एक यूज़र ने मजाक में कहा कि मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक? ना ना ना… सिविक सेंस मिसिंग लिंक! एक अन्य और यूज़र ने इसमें जोड़ते हुए लिखा कि सिविक सेंस में ही एक मिसिंग लिंक है।

लोगों ने जताई परेशानी

एक परेशान कमेंट करने वाले ने आह भरते हुए कहा, ‘अब यह मत पूछो कि सालों से हमारे पास ‘विकासशील देश’ का टैग क्यों है।’ और बताया कि जो चीज़ दूसरे देशों में एक आम आने-जाने का रास्ता होती है, वह यहां एक तमाशा बन जाती है। एक यूज़र ने सुझाव दिया कि सरकार को इस पागलपन का फ़ायदा उठाना चाहिए। तमाशा देखने वालों को बुरा कहना बेवकूफ़ी है। इसी का फायदा उठाओ। एक ‘व्यूइंग डेक’ बनाओ और 15 मिनट के टिकट के लिए ₹2500 चार्ज करो।’ अगर आपको यह सब कुछ देखा-देखा सा लग रहा है, तो इसकी वजह यह है कि यह सचमुच वैसा ही है।

अटल सेतु से की तुलना

जब अटल सेतु (MTHL) खुला था, तो सोशल मीडिया पर लोगों की ऐसी तस्वीरों की बाढ़ आ गई थी, जिनमें वे तस्वीरें लेने के लिए बाड़ पर चढ़ रहे थे और सी-लिंक को समुद्र के किनारे टहलने वाली जगह (प्रोमेनेड) की तरह इस्तेमाल कर रहे थे। हालाँकि, कुछ लोग इसका बचाव करते हुए कहते हैं कि यह एक ऐसे देश के लिए बस एक आम बात है, जो प्रक्रिया के बजाय भावनाओं से चलता है।

एक यूज़र ने कहा कि शुरुआती उत्साह होना बिल्कुल सामान्य बात है! हमने अटल सेतु के लॉन्च होने के ठीक बाद भी वैसी ही उत्सुकता देखी थी, और एक महीने के अंदर ही वह शांत हो गई थी। लोग बस इस विश्व-स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर को देखकर हैरान हो रहे हैं। वायरल रील्स से परे, ‘मिसिंग लिंक’ प्रोजेक्ट भारतीय इंजीनियरिंग का एक बहुत बड़ा कमाल है। इसमें दुनिया की सबसे चौड़ी सुरंगें (21 मीटर से ज़्यादा), घाटी की ज़मीन से 100 मीटर ऊपर बने पुल और मुंबई-पुणे के बीच यात्रा के समय में काफी कमी शामिल है। यह प्रोजेक्ट ज़मीन खिसकने की आशंका वाले घाट सेक्शन को बाईपास करता है।

मिसिंग लिंक पर गाड़ियों की स्पीड लिमिड तय

अधिकारियों ने सुरंग और पुल वाले हिस्सों में हल्के मोटर वाहनों (कारों) के लिए अधिकतम गति सीमा 100 किमी/घंटा और बसों व भारी वाहनों के लिए 80 किमी/घंटा तय की है। ऑपरेशन के दूसरे दिन हुई एक समीक्षा बैठक के बाद एक अधिकारी ने कहा कि ये ऊपरी सीमाएं हैं, लक्ष्य नहीं। ड्राइवरों को लेन के नियमों का पालन करना चाहिए और इन गतियों से तेज़ गाड़ी चलाने से बचना चाहिए।

Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
Exit mobile version