छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में शनिवार को आईईडी विस्फोट हुआ था। आईईडी विस्फोट में सुरक्षाबल के 4 जवान शहीद हो गए थे। शहीदों को अंतिम विदाई दी गई।
रविवार सुबह नारायणपुर और कांकेर में शहीद जवानों को श्रंद्धाजलि दी गई। इस दौरान सुरक्षाबल के अधिकारियों के साथ शहीद के परिजन भी मौजूद थे। जवानों के शहादत की खबर मिलने के बाद से ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
जवानों को पुलिस लाइन ने अंतिम सलामी देते समय परिजन भावुक हो गए। DRG जवान कॉन्स्टेबल संजय गढ़पाले परिजनों ने बताया कि संजय की शादी अगले साल जनवरी में होनी थी।
जवान की हो गई थी सगाई
परिजनों ने बताया कि संजय गढ़पाले की सगाई हो गई थी। अगले साल 15 जनवरी को उनकी शादी होनी थी। लेकिन किसे पता था कि सगाई के बाद ही वह देश की सेवा के लिए शहीद हो जाएगा। शहीद जवान का पार्थिव शरीर जैसे ही उसके गांव हाराडूला पहुंचा तो यहां ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। परिजन जहां भावुक थे वहीं, ग्रामीणों ने शहीद संजय अमर रहें के नारे लगाए।
उसके बाद नम आंखों से शहीद संजय को अंतिम विदाई दी गई। वहीं, हादसे में शहीद हुए अन्य तीन जवानों को सलामी देने के बाद शव उनके गांव भेज दिया गया।
शनिवार को हुआ था हादसा
दरअसल, सरेंडर कर चुके पूर्व नक्सलियों से सुरक्षाबल के जवानों को इनपुट मिला था कि जंगली इलाके में हमने बारूदी सुरंग बिछाया है। जिसके बाद सुरक्षाबल के जवान शनिवार सुबह कोरोसकोडा के जंगल में सर्च ऑपरेशन पर निकले थे। इसी दौरान नक्सलियों की बिछाई गई IED को डिप्यूज करते समय अचानक जोरदार धमाका हुआ।
- कांकेर हादसे में शहीद हुए थे चार जवान
- रविवार को जवानों को दी गई अंतिम श्रद्धांजलि
- नक्सलियों की बिछाई आईईडी में हुआ था धमाका
- सर्चिंग अभियान पर निकले थे सुरक्षाबल के जवान
तीन जवान मौके पर ही शहीद
इस हादसे में तीन जवान मौके पर ही शहीद हो गए। जबकि घायल जवान परमानंद कोर्राम को बेहतर इलाज के लिए रायपुर एयरलिफ्ट गया था लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

