सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने आम लोगों और निवेशकों को कन्फ्यूज कर दिया है. सोने का भाव डेढ़ लाख से नीचे, जबकि चांदी का भाव 2.45 लाख से नीचे चल रहा है. मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच सोने और चांदी में अपेक्षित तेजी नहीं देखी जा रही है. इसके पीछे एक्सपर्ट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने के समकक्ष डॉलर आधारित निवेश को बड़ी वजह बता रहे हैं. साथ ही कच्चे तेल में भी खूब निवेश हो रहा है. ऐसे में लोग कन्फ्यूज हैं कि सोना नीचे जाएगा तो कहां तक जाएगा और अगर भाव चढ़ेगा तो कहां तक चढ़ेगा. आज 5 मई, मंगलवार को सोना-चांदी सीमित दायरे में कारोबार कर रहे है और और दोनों कीमती धातु हल्की गिरावट के साथ लाल निशान में खुले थे, लेकिन कुछ ही घंटों के भीतर दोनों के भाव में तेजी देखी गई.
सोना-चांदी: पहले गिरावट में भाव, फिर चढ़ाव
सुबह 10:40 बजे 5 जून की डिलीवरी वाला गोल्ड 0.13 फीसदी या 211 रुपये की तेजी के साथ 1,49,552 रुपये के भाव पर करोबार करते दिखे. वहीं दूसरी ओर चांदी 0.13 फीसदी या 315 रुपये की तेजी के साथ 2,44,219 रुपये के भाव पर ट्रेड करते दिखे.
इससे पहले मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का 5 जून 2026 का कॉन्ट्रैक्ट सुबह 9:50 पर 14 रुपये या 0.01 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 1,49,325 रुपये पर था और इसने 1,49,325 रुपये का न्यूनतम स्तर और 1,49,950 रुपये का उच्चतम स्तर छुआ था. वहीं चांदी का 3 जुलाई 2026 का कॉन्ट्रैक्ट 673 रुपये या 0.28 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,43,222 रुपये पर था. इसने 2,42,907 रुपये का न्यूनतम स्तर और 2,43,927 रुपये का उच्चतम स्तर छुआ था.
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने-चांदी का हाल
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने और चांदी में मिलाजुला कारोबार हो रहा है. खबर लिखे जाने तक कॉमेक्स पर सोना 0.14 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,540 डॉलर प्रति औंस और चांदी 0.42 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 73.21 डॉलर प्रति औंस थी.
मध्य पूर्व में लगातार तनाव बढ़ रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उनकी सेना ने ईरान के 7 छोटे जहाजों को डुबो दिया है. ट्रंप ने कहा, ‘ये हमला उस समय किया गया था, जब यह छोटे जहाज होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर हमला कर रही थीं. हालांकि, ईरान ने कोई जवाब नहीं दिया है, लेकिन दावा है कि हॉर्मुज पर उसका ही कंट्रोल है.’
दूसरी तरफ, वैश्विक अस्थिरता के बीच डॉलर के मुकाबले रुपये में लगातार कमजोरी देखी जा रही है. इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज (ICE) के डेटा के मुताबिक, डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोरी के साथ खुला और फिर इसमें और गिरावट देखी गई.

