एक 12 साल के बच्चे का अपहरण कर 5 लाख की फिरौती की मांग करने वाले आरोपियों को पुलिस ने वारदात के 12 घंटे के भीतर ही धरदबोचा। मामला छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला का है। जानकारी के मुताबिक रायगढ़ के रैरूमाखुर्द पुलिस चौकी के तहत बरहामड़ा गांव में बीते गुरुवार को अपराधियों ने 12 वर्षीय बालक को अगवा किया था। अपहरण के बाद बच्चे के पिता संजू बड़ा ने तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दी, साथ ही बताया कि अपराधियों ने बच्चे को छोडऩे के लिए 5 लाख रुपए फिरौती मांगी है। पुलिस द्वारा बच्चे को छुड़ाने के लिए एक टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने अपराधियों को पकडऩे बरहामड़ा गांव के आसपास के इलाके की नाकाबंदी कर दी। बच्चे के परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ के बाद अपराधियों की तलाश शुरू हुई। पीडि़त परिवार से पूछताछ में पता चला कि बालक के पिता ने कुछ माह पहले ही अपनी पुश्तैनी जमीन बेची थी। पूछताछ के बाद पुलिस को पता चला कि गांव में ही रहकर बिजली पोल लगाने का काम करने वाले अरुण टोप्पो और उसका साथी विकास तिर्की घटना के बाद से गायब हैं। अरुण टोप्पो पहले भी चोरी के मामले में जेल जा चुका है। इस संदेह के आधार पर पुलिस ने छानबीन शुरू की। पड़ताल के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि जंगल के भीतर तीन नकाबपोश एक बालक का हाथ-पैर बांधकर रखे हुए हैं। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जाल बिछाया और वारदात के करीब 12 घंटे बाद अचानक जंगल के भीतर पहुंच गई। तीनों आरोपी-अरुण टोप्पो, विकास तिर्की और रामेश्वर मांझी को पुलिस ने गिरफ्तार कर उनके चंगुल से बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया. घटनास्थल पर पुलिस को 3 मोबाइल, 3 चाकू, मोटरसाइकिल और बालक की साइकिल मिली है। तीनों आरोपियों से कड़ी पूछताछ करने पर पता चला कि आरोपी विकास को जानकारी थी कि अपहृत बालक के पिता ने हाल ही में अपनी पुश्तैनी जमीन बेची है, जिससे बड़ी रकम घर में आई है. इसलिए उसने अपने दोनों साथियों के साथ उसने अपहरण की योजना बनाई थी।
5 लाख के लिए 12 साल के बच्चे को उठाने वालों को पुलिस ने 12 घंटे में धरदबोचा
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