रायपुर। हांड़ीपारा स्थित छत्तीसगढ़ी भवन रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर दोपहर 3 बजे उनके व्यक्तित्व कृतित्व पर आधारित छसपा द्वारा गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी की अध्यक्षता राज्य आंदोलनकारी प्रदेश किसान नेता अनिल दुबे ने किया। गोष्ठी का प्रतिभागी जीपी चंद्राकर, जागेश्वर प्रसाद, लालाराम वर्मा, अशोक ताम्रकर, गिरधारी ठाकुर, चेतन देवांगन, अशोक कश्यप, देवेंद्र कश्यप,चंद्रप्रकाश साहू, भारत यादव, पतालु निषाद, गनराज साहू एवं वरिष्ठ पत्रकार राजेश सिंह बिसेन थे। आधार वक्तव्य रखते हुए राज्य आंदोलन-कारी एवं पत्रकार जागेश्वर ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री, कवि, पत्रकार, कुशल राजनेता प्रखर वक्ता एवं छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता अटल बिहारी वाजपेयी विविध व्यक्तित्व के धनी थे। श्री बाजपेयी जी 13 बार लोकसभा के सदस्य रहे। वे विपक्ष में रहकर सत्ताधारी सरकार को लोहा मनवा लेते थे। राज्य आंदोलनकारी प्रदेश किसान नेता अनिल दुबे ने कहा कि राज्य निर्माण के लिए लगातार 36 वर्षों तक संघर्ष करने का श्रेय छत्तीसगढ़ी समाज पार्टी को जाता है। उसी प्रकार से राज्य निर्माण का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री श्री बाजपेयी जी को जाता है। जब तक सूरज चाँद रहेगा राज्य निर्माता अटल बिहारी वाजपेयी जी का नाम रहेगा। भाजपा के लोग जब राज्य निर्माण का श्रेय बढ़ चढ़ कर लेने लगे थे तब उन्होंने कहा था कि राज्य निर्माण का श्रेय राज्य निर्माण के लिए लंबी लड़ाई लडऩे वालों को जाता है भले ही मै प्रधानमंत्री के हैसियत से राज्य निर्माता हूँ। अशोक ताम्रकर ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्री वाजपेयी जी अपने कार्यकाल में राज्य निर्माण के साथ ही साथ बिलासपुर रेलवे जोन और तीन विश्व विद्यालय की स्थापना किए जो उच्च शिक्षा की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है। गोष्ठी में जीपी चंद्राकर, लालाराम वर्मा, चेतन देवांगन, अशोक कश्यप, गिरधारी ठाकुर, देवेंद्र कश्यप एवं राजेश सिंह बिसेन ने भी अपना विचार रखा। आभार प्रदर्शन जेआर यादव ने किया।
