हैदराबाद बेस्ड स्काईरूट एयरोस्पेस ने 60 मिलियन डॉलर यानी करीब 570 करोड़ रुपये की नई फंडिंग जुटाई है. इस प्राइवेट स्पेस लॉन्च कंपनी में राम श्रीराम की Sherpalo, GIC, BlackRock , Greenko Group के फाउंडर्स, Arkam Ventures, Playbook Partners और Shanghvi Family Office समेत कई निवेशकों ने पैसा लगाया है. कंपनी ने 7 मई को इस फंडिंग की जानकारी दी.

Playbook Partners और Shanghvi Family Office इस फंडिंग राउंड में Skyroot Aerospace के नए निवेशकों के रूप में जुड़े हैं. वहीं, Sherpalo, GIC, BlackRock, Greenko Group और Arkam Ventures पहले से ही कंपनी में निवेश कर चुके हैं. इस नए फंडिंग राउंड की अगुवाई Sherpalo और GIC ने मिलकर की है.

स्काईरूट एयरोस्पेस की वैल्यूएशन

स्काईरूट एयरोस्पेस की वैल्यूएशन अब बढ़कर करीब 1.1 बिलियन डॉलर पहुंच गई है, जो 2023 में लगभग 519 मिलियन डॉलर थी. इसके साथ ही कंपनी भारत के सबसे ज्यादा फंडिंग पाने वाले स्पेस-टेक स्टार्टअप्स में शामिल हो गई है. स्काईरूट एयरोस्पेस देश की पहली ऐसी निजी स्पेस-टेक कंपनी भी बन गई है, जिसने 1 बिलियन डॉलर से ज्यादा वैल्यू हासिल कर यूनिकॉर्न का दर्जा पाया है.

स्काईरूट की स्थापना 12 जून, 2018 को पवन कुमार चंदना और नाग भरत डाका ने की थी. पवन कुमार चंदना का कहना है कि Skyroot Aerospace अपनी आने वाली Vikram-1 लॉन्चिंग को लेकर काफी उत्साहित है. यह भारत का पहला निजी ऑर्बिटल रॉकेट होगा, जिसे देश के स्पेस सेक्टर के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है. उन्होंने कहा कि इस नई फंडिंग से दुनिया के बड़े निवेशकों का स्काईरूट पर भरोसा भी दिखता है.

Vikram-2 रॉकेट की भी तैयारी

स्काईरूट की स्थापना 12 जून, 2018 को पवन कुमार चंदना और नाग भरत डाका ने की थी. पवन कुमार चंदना का कहना है कि Skyroot Aerospace अपनी आने वाली Vikram-1 लॉन्चिंग को लेकर काफी उत्साहित है. यह भारत का पहला निजी ऑर्बिटल रॉकेट होगा, जिसे देश के स्पेस सेक्टर के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है. उन्होंने कहा कि इस नई फंडिंग से दुनिया के बड़े निवेशकों का स्काईरूट पर भरोसा भी दिखता है.

स्काईरूट एयरोस्पेस ने 2023 में अपना ऑर्बिटल लॉन्च किया था और अब आने वाले हफ्तों में एक और लॉन्च की तैयारी कर रही है. Sherpalo Ventures के फाउंडर राम श्रीराम ने कहा कि उन्हें शुरुआत से ही Skyroot की टीम पर भरोसा रहा है और Vikram-1 के लॉन्च के साथ यह भरोसा और मजबूत हुआ है. उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष तक आसान पहुंच आज दुनिया की बड़ी चुनौतियों में से एक है और Skyroot इस दिशा में मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रही है.

कंपनी का कहना है कि नई फंडिंग का इस्तेमाल Vikram-1 रॉकेट की लगातार लॉन्चिंग बढ़ाने, मैन्युफैक्चरिंग क्षमता मजबूत करने और Vikram-2 रॉकेट विकसित करने में किया जाएगा. Vikram-2 एक एडवांस क्रायोजेनिक तकनीक वाला लॉन्च व्हीकल होगा, जिससे कंपनी ज्यादा मिशन और ग्राहकों को सेवा दे सकेगी. इस नए निवेश के बाद Skyroot की कुल फंडिंग 160 मिलियन डॉलर यानी करीब 1,500 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गई है.

विक्रम-S 2022 में हुआ था लॉन्च

स्काईरूट ने 2022 में विक्रम-S लॉन्च करके इतिहास रच दिया था. यह भारत का पहला निजी तौर पर विकसित रॉकेट था. अब विक्रम-1 इसी यात्रा का अगला चरण है, जिसे पूरी तरह पृथ्वी की ऑर्बिट तक पहुंचने के लिए तैयार किया जा रहा है

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