देशभर के छात्र सालभर तैयारी करते हैं और मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) की परीक्षा देते हैं, लेकिन इसी में धांधली हो जाए तो वो क्या करेगा? उसकी तो सालभर की मेहनत बर्बाद जाएगी. घरवालों ने जिस उम्मीद से कर्ज लेकर तैयारी करवाई उनकी उम्मीदें टूट जाएंगी. आज देश में यही चिंता NEET के हर छात्र को सता रही है. राजस्थान के सीकर में NEET की परीक्षा संपन्न होने के बाद छात्रों को यह पता चला कि पेपर लीक हो चुका है और अब एग्जाम भी कैंसिल कर दिया गया है.
इस खबर ने लाखों छात्रों और उनके परिजनों की चिंताओं को बढ़ा दिया है क्योंकि NEET परीक्षा के कैंसल होने की संभावना भी बढ़ गई है. इस मामले में एक NEET परीक्षार्थी से ABP न्यूज़ ने बातचीत में अपना दर्द बयां किया है. उसने बताया कि वो 2 साल से सीकर में रहकर तैयारी किया और ये उसका दूसरा प्रयास है. अब NEET पेपर लीक की खबरें सुनकर सभी परेशान हैं.
छात्र ने कहा- मेरा साल और पिता का पैसा दोनों बर्बाद हो जाएगा
छात्र ने कहा, “ये कितना सही है कुछ पता नहीं, कोचिंग में भी काफी पैसा खर्च कर दिया. अब लोग बोल रहे हैं कि पेपर रद्द भी गो गया है. हमारा पैसा और साल दोनों खराब हो गए. मेरे पिताजी सब्जी की गाड़ी चलाते हैं और हम बिलकुल साधारण परिवार से हैं.”
प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने भी इसपर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि NEET 2024 के बाद अब NEET 2026 का भी पेपर परीक्षा से पहले लीक होना और सैंपल पेपर के नाम पर बिकना बेहद गंभीर एवं युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ है.
PCC चीफ ने उठाए गंभीर सवाल
डोटासरा ने आगे कहा, “परीक्षा से पहले ‘गैस पेपर’ के नाम पर हूबहू पेपर आउट होना, 42 घंटे पहले व्हाट्सएप पर आने और देहरादून, सीकर व झुंझुनूं से 13 संदिग्धों को पकड़ना… इस बात का संकेत है कि देश की सबसे बड़ी परीक्षाओं की विश्वसनीयता लगातार संकट में है. करोड़ों विद्यार्थी दिन-रात मेहनत करते हैं, लेकिन हर बार पेपर लीक और गड़बड़ियां युवाओं का भरोसा तोड़ देती हैं.”
क्या है मामला?
NEET UG 2026 परीक्षा संपन्न होने के बाद दावा किया जा रहा है कि राजस्थान के सीकर में व्हॉट्सएप के जरिए परीक्षा से पहले लाखों रुपये में एक ‘गेस पेपर’ बेचा गया था. राजस्थान और उत्तराखंड से नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को जानकारी मिली थी कि छात्रों के बीच इस गेस पेपर में 140 सवाल, NEET UG 2026 परीक्षा में पूछे गए सवाल से मिलते-जुलते थे. मामले की गंभीरता को देखते हुए NTA ने इसकी जानकारी केंद्रीय जांच एजेंसियों और राजस्थान पुलिस को दी. इसके बाद राजस्थान की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) और दूसरी एजेंसियां जांच में जुट गई हैं.

