पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण संयुक्त अरब अमीरात के निर्माणाधीन संपत्ति बाजार में संपत्तियों के हस्तांतरण में देरी होने की संभावना है, जो अन्यथा तेजी से बढ़ रहा है। कई डिवैल्पर्स को अब इनपुट आपूर्ति में बाधाओं, लागत में वृद्धि और बैंकों द्वारा वित्तपोषण में सख्ती के कारण 6 से 9 महीने तक की देरी का सामना करना पड़ रहा है।

दुबई में 2026 तक सौंपे जाने वाले 45,000 यूनिटों में से लगभग आधे 2027 या उससे भी बाद तक टल जाएंगे, यह जानकारी एनारॉक मिडल ईस्ट द्वारा उद्धृत आंकड़ों के अनुसार है। उद्योग के अनुमानों के मुताबिक, कुल निर्माण लागत में लगभग 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। दुबई के निर्माणाधीन बाजार में अमीरात के कुल संपत्ति लेन-देन का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा है, जो विदेशी निवेशकों की मजबूत मांग, बढ़ते प्रवासन और आक्रामक परियोजना शुभारंभ से प्रेरित है। वर्तमान में अमीरात में लगभग 1,592 सक्रिय परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं, जिनमें 4,82,000 से अधिक इकाइयां शामिल हैं, जिनका कुल मूल्य 366 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर से अधिक है।

एनारॉक ग्रुप के ई.एम.ई.ए. के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनुज केजरीवाल ने कहा, ‘‘2026 तक परियोजनाओं के पूरा होने की संभावना ऐतिहासिक रूप से बहुत अधिक है। हालांकि, वास्तविक सौंपने की प्रक्रिया अनुमानों से काफी कम रहेगी। मौजूदा बाजार की स्थिति को देखते हुए, 6 से 12 महीने की देरी का अनुमान लगाना यथार्थवादी है।’’
आपूॢत में व्यवधान : संयुक्त अरब अमीरात में निर्माण कार्य आयात पर अत्यधिक निर्भर होने के कारण, कई श्रेणियों में इनपुट लागत में 18 प्रतिशत से 28 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। प्रीमियम सिरेमिक, एल्युमीनियम फेकेड शीट, विशेष सजावटी सामग्री और कई यांत्रिक, विद्युत और प्लमिं्बग (एम.ई.पी.) घटक सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में से हैं।

केजरीवाल ने कहा, ‘‘ईरान पर अमरीका-इसराईल के हमलों का दुबई की निर्माण आपूर्ति शृंखला पर गंभीर प्रभाव पड़ा है। हालांकि दुबई के बंदरगाह पूरी तरह से बंद नहीं हुए हैं लेकिन अधिकांश शिपिंग सेवाएं ठप्प हो गई हैं और जहाजों को लंबे चक्कर लगाकर दूसरे मार्गों से भेजा जा रहा है।’’
मार्च में ईरानी हमलों से खाड़ी के 2 सबसे बड़े एल्युमीनियम उत्पादक प्रभावित हुए थे। अबूधाबी में स्थित एमिरेट्स ग्लोबल एल्युमीनियम की अल तावीला सुविधा में प्राथमिक एल्युमीनियम उत्पादन की पूरी बहाली में 12 महीने तक का समय लग सकता है, जबकि एल्युमीनियम बहरीन ने गलाने की अपनी लगभग 20 प्रतिशत क्षमता बंद कर दी है।
दुबई के प्रॉपर्टी मार्कीट विशेषज्ञ आदित्य अर्नेस्ट जॉन ने कहा कि आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि लगभग 58 प्रतिशत परियोजनाएं अभी भी 0.20 प्रतिशत निर्माण चरण में हैं, जिससे वे आपूर्ति शृंखला में व्यवधान, लॉजिस्टिक्स में देरी, ठेकेदारों की कमी और लागत में वृद्धि के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि कई परियोजनाओं में 6 महीने की देरी अब वास्तविक लग रही है।
केजरीवाल ने भी इस बात से सहमति जताई कि जिन परियोजनाओं ने अभी तक 60 प्रतिशत निर्माण पूरा नहीं किया है, उनमें शिपिंग की अनिश्चितता, एशियाई मार्गों पर सामग्री की डिलीवरी में 7 से 15 दिनों तक की देरी और निर्माण श्रमिकों की उपलब्धता में व्यवधान के कारण 6-12 महीने की देरी होना स्वाभाविक है।-दिलाशा सेठ          

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