मध्य प्रदेश के दतिया के एक अस्पताल में भारी हंगामा देखने को मिला. यहां शासकीय मेडिकल कॉलेज दतिया के ऑर्थो वार्ड में मंगलवार रात मरीज के एक अटेंडर के साथ मारपीट करने और उसे ड्यूटी रूम में बंधक बनाने का मामला सामने आया है. आरोप है कि मारपीट और बंधक बनाये जाने से आहत होकर अटेंडर युवक ने कमरे में फांसी लगाने की कोशिश की. सूचना मिलने पर पुलिस अस्पताल पहुंची और ताला तोड़कर आत्महत्या का प्रयास कर रहे युवक को बाहर निकाला.
जानकारी के अनुसार, बरगाय निवासी प्रदीप पाल अपने चाचा का इलाज कराने मेडिकल कॉलेज पहुंचा था. प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के मुताबिक, किसी बात को लेकर अटेंडर युवक प्रदीप की जूनियर डॉक्टरों से कहासुनी हो गई. आरोप है कि इसके बाद लगभग आधा दर्जन जूनियर डॉक्टरों ने प्रदीप के साथ मारपीट की और उसे ड्यूटी रूम में बंद कर दिया.
युवक को जूनियर डॉक्टरों ने किया था कमरे में बंद
पीड़ित युवक प्रदीप के परिजनों के मुताबिक, प्रदीप करीब एक घंटे तक कमरे में बंद रहा. इस दौरान उसने कमरे में लगे पर्दे को फाड़कर फंदा बनाया और फांसी लगाने का प्रयास किया. प्रदीप को फांसी लगाते देखकर उसके परिजन घबरा गये और उन्होंने हंगामा करना शुरू कर दिया. इसके बाद बाहर मौजूद अन्य मरीजों ने भी हंगामा शुरू कर दिया, जिससे अस्पताल परिसर में अफरा- तफरी मच गई. घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल चौकी पुलिस पहुंची. पुलिस ने पहले दरवाजा खुलवाने की कोशिश की, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली. स्थिति गंभीर देखते हुए पुलिस ने कमरे का ताला तोड़ दिया और युवक को बाहर निकाला.
मरीज हुए परेशान
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान मेडिकल कॉलेज में देर रात तक तनाव की स्थिति बनी रही. कई मरीज इलाज के लिए परेशान होते रहे. कुछ वीडियो में मरीज और उनके परिजन मदद की गुहार लगाते नजर आए. परिजनों ने मामले में कार्रवाई की मांग की है. मेडिकल कॉलेज के मीडिया प्रभारी डाॅ मुकेश शर्मा के अनुसार मरीज के अटेंडर का जूनियर डाॅक्टर्स के साथ विवाद हुआ था. अटेंडर स्टूल लेकर मारने आ गया तो जूनियर डाॅक्टर्स ने थाने में शिकायती आवेदन भी दिया था. अधीक्षक के पहुंचने पर अभद्रता करने वाले अटेंडर द्वारा माफी मांगे जाने के कारण दोनों पक्षों में सुलह करा दी गई. दतिया एएसपी सुनील कुमार शिवहरे के मुताबिक, अटेंडर और डॉक्टर के बीच कुछ गलतफहमी के चलते विवाद हुआ. थाने में दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया है.

