नई दिल्ली। भारत के दिग्गज कारोबारी गौतम अदाणी की अदाणी ग्रुप दिवालिया हो चुकी JP Associates को खरीदने की बोली जीत चुके हैं। आने वाले कुछ समय में कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद वह जेपी समूह के मालिक बन जाएंगे। वहीं, अब अदाणी की Adani Power एक और दिवालिया कंपनी खरीदने के लिए बोली लगाई है। इसके लिए उसे CCI यानी कंपटीशन कमीशन ऑफ इंडिया से भी मंजूरी मिल गई है।
अदाणी पावर ने एक्सचेंज फाइलिंग में भी इसकी जानकारी दी है। हालांकि, उसे 12 मई को ही CCI से GVK एनर्जी लिमिटेड (टारगेट) की 100% अधिग्रहण को मंजूरी मिल गई थी। PIB पर भी यह खबर छपी थी। PIB के अनुसार प्रस्तावित संयोजन में, टारगेट के संबंध में इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड, 2016 के तहत शुरू की गई कॉर्पोरेट इन्सॉल्वेंसी समाधान प्रक्रिया के अनुसार, अधिग्रहणकर्ता द्वारा टारगेट की 100% शेयर पूंजी और नियंत्रण का अधिग्रहण शामिल है।
Adani Power ने दी जानकारी
अदाणी पावर ने एक्सचेंज फाइलिंग को जानकारी दी कि GVK Energy Limited को 6 मई, 2025 को कॉर्पोरेट इन्सॉल्वेंसी रिज़ॉल्यूशन प्रोसेस (CIRP) में शामिल किया गया। यह कदम, ऋणदाताओं द्वारा डिफॉल्ट के कारण IBC के तहत धारा 7 के तहत दायर एक आवेदन के बाद उठाया गया था। CIRP के लिए ‘एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट’ (EOI) हेतु एक विस्तृत आमंत्रण 10 जुलाई, 2025 को प्रकाशित किया गया था।
फाइलिंग में आगे कहा कि कंपनी और कई अन्य बोलीदाताओं ने EOI के जवाब में अपनी समाधान योजनाएं (Resolution Plans) प्रस्तुत किए हैं। बोलीदाताओं द्वारा प्रस्तुत समाधान योजनाएं अभी भी विचाराधीन हैं और उन पर लेनदारों की समिति (CoC) द्वारा अभी तक मतदान या अनुमोदन नहीं किया गया है। CCI को कंपनी ने इस बोलीप्रकिया में हिस्सा लेने के लिए आवेदन दिया था, जिसे मंजूर कर लिया गया।
कंपनी ने बताया कि मौजूदा कानून के तहत, CoC द्वारा बोली लगाने वालों की समाधान योजनाओं पर विचार करने से पहले भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) से मंजूरी लेना जरूरी था। तदनुसार, CCI को एक आवेदन प्रस्तुत किया गया था जिसे मंजूर कर लिया गया है।
कंपनी SEBI लिस्टिंग विनियमों के अनुसार आवश्यक और समय पर खुलासे करने के लिए प्रतिबद्ध है। यदि इस संबंध में कोई महत्वपूर्ण घटनाक्रम होता है, तो आगे की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
JP Associates के मालिक बनेंगे गौतम अदाणी
इससे पहले गौतम अदाणी की अदाणी समूह जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड खरीदने की बोली जीत चुके हैं। उन्होंने जेपी को खरीदने के लिए 14535 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी। लेंडर्स ने वेदांता की सबसे ज्यादा ₹16726 करोड़ की बोली की बजाए अदाणी के Resolution Plans के चलते उन्हें प्राथमिकता दी। क्योंकि अदाणी का पेमेंट प्लान वेदांता से अलग था। वह लेंडर्स को वेदांता से पहले पेमेंट करेंगे।

