उज्जैन. धार्मिक नगरी उज्जैन में रोजाना लाखों की संख्या में पर्यटक आते हैं. कई लोग आकर यहां जमकर खरीदारी करते हैं. उसमे सोना-चांदी का मार्केट पटनी बाजार हमेशा गुलजार नजर आता है. लेकिन उज्जैन के सबसे व्यस्त बाजारों में शामिल पटनी बाजार सराफा इन दिनों बदले हुए माहौल का गवाह बन रहा है. जहां सामान्य दिनों में सोना-चांदी खरीदने वालों की भारी भीड़ और चहल-पहल नजर आती थी, वहीं अब बाजार में सन्नाटा पसरा दिखाई दे रहा है. दुकानों पर ग्राहकों की संख्या काफी कम हो गई है और कई प्रतिष्ठान खाली नजर आ रहे हैं. व्यापारियों का मानना है कि सोना खरीदने से बचने की अपील के बाद लोगों ने खरीदारी से दूरी बनानी शुरू कर दी है, जिसका असर सीधे बाजार की रौनक और कारोबार पर दिखाई दे रहा है.

दरअसल पूरा मामला, ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव से जुड़ा है. जहां अब भारत देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से ईंधन बचाने, अनावश्यक यात्रा कम करने और फिलहाल सोना खरीदने से बचने की अपील का असर अब बाजारों में दिखने लगा है. इसका सीधा असर सोना-चांदी कारोबार पर पड़ा है, जिससे व्यापारियों में नाराजगी बढ़ गई है. सराफा कारोबारियों का कहना है कि पहले ही सोने-चांदी की लगातार बढ़ती कीमतों के कारण बाजार की रफ्तार धीमी थी, और अब इस अपील ने छोटे व्यापारियों की मुश्किलें और बढ़ा दी है. उनका कहना है कि इससे कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है.

व्यापारी ने कहीं दिल की बात
व्यापारियों का कहना है कि अगर सोने की खरीद पर नियंत्रण करना है, तो केवल छोटे कारोबारियों पर असर पड़ने वाली अपीलों से काम नहीं चलेगा. उनका मानना है कि बड़े शोरूम और बड़े स्तर पर प्रचार करने वाले कारोबारी ग्राहकों को आसानी से आकर्षित कर लेते हैं, जबकि छोटे दुकानदार पीछे छूट जाते हैं. व्यापारियों के अनुसार बड़े निवेशक बड़े सौदे कर रहे हैं, लेकिन इसका असर छोटे व्यापारियों की रोजी-रोटी पर पड़ रहा है.

कैसे नहीं पड़ेगा ग्राहकों पर बोझ?
पटनी बाजार में शॉप चलाने वाले वैभव बताते हैं कि एक दुकान से करीब छह परिवारों का गुजारा चलता है, ऐसे में कारोबार ठप होने से हजारों लोगों के रोजगार पर संकट खड़ा हो सकता है. वहीं कुछ व्यापारियों ने सुझाव दिया कि नई खरीदारी कम करने के बजाय लोगों को पुराने सोने की रीसाइक्लिंग के लिए प्रोत्साहित किया जाए, ताकि ग्राहकों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े और छोटे व्यापारियों का कारोबार भी चलता रहे.

उज्जैन के कितने व्यापारी हो रहे प्रभावित
एक व्यापारी ने बताया उज्जैन के इस मार्केट में यहां सराफा ऐसोशीयन में करीब 200 दुकाने और सैकड़ों कर्मचारी जुड़े हैं, जो पीढ़ी दर पीढ़ी दुकान संभाल रहे है. यह मार्केट करीब 150 से 200 साल पुराना ऐतिहासिक बाजार है. जिनके परिवार मे करीब 20 हज़ार लोग अभी प्रभावित हो रहे है. ऐसे में बाजार में दो-तीन दिन से सन्नाटा छाया हुआ है. आगे भी ऐसा ही चलता रहा तो बहुत परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.

Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
Exit mobile version