बिहार – कैमूर जिले में बीते दिनों 4 सिर कटी मिली लाशों का राज आखिरकार खुल गया है. सूटकेस और बोरे में मिली बिना सिर की लाशें एक ही परिवार के 4 लोगों की थीं. एक बच्चे के शव के पास मिले आंगनबाड़ी ड्रेस पर लगे सिलाई टैग की मदद से पुलिस इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में कामयाब रही. जिन 4 लोगों का शव बरामद हुआ था, उनमें माता-पिता और उनके 2 बच्चे शामिल थे. इन चारों की हत्या के घर के ही सदस्यों ने की थी. पुलिस के मुताबिक, 2 सगे भाइयों ने अपने बड़े भाई, भाभी और उनके 2 बच्चों की हत्या करने के बाद शवों का टुकड़े-टुकड़े में काट दिया. इसके बाद शवों के टुकड़े को बिना सिर के सूटकेस और बोरे में भरकर 2 अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया. 

मां की पिटाई पर दोस्त को लेकर आया भाई

पुलिस के मुताबिक, मृतक रामगढ़ थाना क्षेत्र के डहरक गांव के रहने वाले थे. शवों की पहचान कृष्ण मुरारी और उसकी पत्नी व उसके दो बच्चों के रूप में हुई. पुलिस ने बताया कि इन सभी की हत्या पारिवारिक विवाद के बाद की गई थी. जानकारी के अनुसार, बीते 5 मई को कृष्ण मुरारी ने अपनी मां की पिटाई कर दी थी. जिस पर उसकी मां ने महाराष्ट्र में अपने बेटे विकास गुप्ता को जानकारी दी. इस पर विकास अपने दोस्त दीपक कुमार राजपूत को लेकर घर पहुंचा. 7 मई को जब विकास और उसका दोस्त दीपक कमरे में बैठे थे, तभी कृष्ण मुरारी वहां आ गया. तीनों मिलकर शेयर मार्केट पर चर्चा करने लगे. 

इसी बीच कहासुनी होने पर विकास और दीपक ने चाकू से कृष्ण मुरारी पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया. चीख-पुकार सुनकर जब कृष्ण मुरारी की पत्नी उसे बचाने दौड़ी, तो आरोपियों ने उसकी भी हत्या कर दी. इसी दौरान दोनों बच्चे भी वहां आ गए, तो दरिंदों ने उन्हें भी मौत के घाट उतार दिया. इसके बाद सबसे छोटे भाई राहुल उर्फ गौतम (जो मूक-बधिर है) ने टांगी (कुल्हाड़ी) से लाशों को काट-काटकर टुकड़े किए. 

मां और भाईयों की पत्नी देखती रहीं पूरी घटना

इस हत्याकांड में सबसे बड़ी बात यह रही कि जब इन चारों की हत्या की गई और शवों को टुकड़ों में काटा गया तो उस समय मृतक की मां और उसके दोनों छोटे भाइयों की पत्नियां घर में मौजूद थीं और सब कुछ देख रही थीं. इसके बाद आरोपियों ने चारों सिर और शरीर के टुकड़ों को सूटकेस और बोरियों में भरा और स्कूटी से दो अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया. सूटकेस में भरे शवों के टुकड़ों को रामगढ़-मोहनियां बॉर्डर पर दुर्गावती नदी में फेंका, जबकि बोरे में रखे शवों के टुकड़े को नहर के पास फेका. साक्ष्य छिपाने के लिए घर में फैले खून को धो दिया और फर्श पर सीमेंट छिड़का गया.

एक दिन सूटकेस में तो दूसरे दिन बोरे में मिले थे शव के टुकड़े

बता दें कि पहली बार 10 मई को रामगढ़-मोहनियां बॉर्डर पर दुर्गावती नदी से 2 सूटकेस मिला था, जिसमें शरीर के 18 टुकड़े थे. उसके 2 दिन बाद 12 मई को अकोढ़ी नहर के पास से एक बोरी में बिना सिर के धड़ के अन्य हिस्से बरामद हुए. कैमूर एसपी हरि मोहन शुक्ला ने बताया कि शवों के पास से मिले बच्चों के ड्रेस और मृतक की शर्ट से पहचान डरहक गांव के कृष्ण मुरारी के परिवार के रूप में हुई, जिनका घर बंद था. पुलिस ने जब घर के पास के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और मोबाइल लोकेशन की वैज्ञानिक जांच की, तो पता चला कि घटना के दिन मृतक के छोटे भाई की आवाजाही वहां थी.

पुलिस ने विकास गुप्ता को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो उसने अपने दोस्त और छोटे भाई के साथ मिलकर हत्या की बात कबूल कर ली. वह बड़े भाई के व्यवहार से तंग आ चुका था. मृतक कृष्ण मुरारी चार भाई था. सबसे बड़ा कृष्ण मुरारी (मृतक), मझला सुभाष गुप्ता, संझला विकास गुप्ता (गिरफ्तार आरोपी) और सबसे छोटा राहुल उर्फ गौतम. मझला भाई सुभाष हैदराबाद की प्राइवेट कंपनी में काम करता है, जो घटना की सूचना पाकर गांव पहुंचा है और अपने बड़े भाई, भाभी और मासूम भतीजे-भतीजी का दाह-संस्कार व श्राद्धकर्म कर रहा है.

Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
Exit mobile version