कोलकाता : विधानसभा चुनाव में हार के बाद टीएमसी के नंबर-2 और टीएमसी के शासन के दौरान सबसे ताकतवर रहे अभिषेक बनर्जी मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। फाल्टा उपचुनाव के लिए गुरुवार को वोट डाले जाएंगे और मंगलवार को इस सीट से चुनाव लड़ रहे टीएमसी कैंडिडेट जहांगीर खान ने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली। फाल्टा विधानसभा डायमंड हार्बर लोकसभा सीट का हिस्सा है, जहां से ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी सांसद हैं। इससे पहले सोमवार शाम को कोलकाता नगर निगम ( KMC ) ने अभिषेक बनर्जी के घर शांति निकेतन पर नोटिस चिपकाया, जिसमें उनसे जुड़ी 17 प्रॉपर्टी के अनाधिकृत हिस्सों को गिराने के लिए सात दिन का समय दिया गया है। इस नोटिस से कोलकाता नगर निगम के मेयर फिरहाद हाकिम भी अनजान रहे, जो ममता बनर्जी के करीबी माने जाते हैं। बीजेपी ने बुधवार को उनकी कथित 43 प्रॉपर्टी की लिस्ट जारी की है।
अभिषेक बनर्जी को फाल्टा में मिली थी 1.68 लाख की लीड
पहली बात फाल्टा उपचुनाव की। वोटिंग से पहले टीएमसी कैंडिडेट जहांगीर खान के पैर खींचने से टीएमसी की ज्यादा किरकिरी हो रही है। टीएमसी का आरोप है कि बीजेपी की धमकियों के कारण जहांगीर बैकफुट पर गए। फाल्टा विधानसभा सीट अभिषेक बनर्जी के लोकसभा क्षेत्र में आता है। 2024 में अभिषेक बनर्जी ने डायमंड हार्बर से सात लाख से अधिक वोटों से जीत हासिल की थी। फाल्टा विधानसभा से उन्हें 1.68 लाख वोटों की लीड मिली थी। जब निर्वाचन आयोग ने 2 मई को ईवीएम में छेड़छाड़ और धांधली की शिकायत के बाद फाल्टा में उपचुनाव का ऐलान किया था, तब अभिषेक बनर्जी ने विवादित ट्वीट किया। सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने ज्ञानेश कुमार के साथ यूनियन ऑफ इंडिया को फाल्टा आने की चुनौती दी। मगर उपचुनाव से पहले हालात बदल गए और बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार आ चुकी है।
जहांगीर खान के लिए अभिषेक चुनाव प्रचार में क्यों नहीं उतरे
फिलहाल फाल्टा में जहांगीर खान के ऐलान के बाद टीएमसी के अंदर भी नाराजगी है। टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा कि वह इससे खुश नहीं हैं क्योंकि यह पार्टी के लिए अच्छी बात नहीं है। फाल्टा अभिषेक बनर्जी के चुनाव क्षेत्र का हिस्सा है। हो सकता है कि वे बाद में इस पर कोई बयान दें। पार्टी निश्चित रूप से इस मामले पर विचार करेगी और अपनी राय देगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या सत्ताधारी पार्टी ने वहां डर का माहौल बनाया था। टीएमसी से निलंबित प्रवक्ता रिजू दत्ता ने सवाल खड़े करते पूछा कि जहांगीर खान के लिए ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी प्रचार के लिए चुनाव मैदान क्यों नहीं उतरे? जबकि बीजेपी के लिए खुद सीएम शुभेंदु अधिकारी प्रचार कर रहे हैं। रिजू दत्ता ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है कि टीएमसी उम्मीदवार ने चुनावी मैदान छोड़ दिया है। इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
बीजेपी ने जारी की अभिषेक बनर्जी की 43 प्रॉपर्टी की लिस्ट
अभिषेक बनर्जी चुनावी राजनीति के साथ अवैध संपत्ति के आरोपों से जूझ रहे हैं। कोलकाता म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन ने पहले ही 17 प्रॉपर्टीज को लेकर नोटिस दे रखा है। हैरानी की बात है कि कोलकाता नगर निगम के मेयर अभी भी टीएमसी विधायक फिरहाद हाकिम हैं। हाकिम का दावा है कि उन्हें अभिषेक बनर्जी के खिलाफ जारी नोटिस के बारे में जानकारी नहीं है।

