यवतमाल : महाराष्ट्र के बीड जिले से एक दिल दहला देनेवाली खबर सामने आई है। यहां बस में दो बच्चे रोते-बिलखते मिले। ये बच्चे इतनी छोटे थे की बोल भी नहीं सकते थे। लोगों ने बच्चों को देखा और उन्हें खाने कि लिए कुछ दिया और पानी लिया। बच्चे कुछ बताने की स्थिति में नहीं थे। लोगों ने एक बच्चे के पेंट की पॉकेट से एक पर्ची मिली। इसमें लिखा था कि इन बच्चों के माता-पिता नहीं हैं कृपया उन्हें बस में बैठा दें। इस पर्ची में एक मोबाइल नंबर भी लिखा था। जब पुलिस ने उस नंबर पर कॉल की तो सामने वाले ने जो बताया, उससे हर किसी के होश उड़ गए। आखिरकार बच्चों को उस फोन नंबर वाले ने भी अपनाने से इनकार कर दिया और बच्चों को अनाथालय भेज दिया गया।
अधिकारी ने बताया कि बाद में बस कंडक्टर ने बच्चों को अकेले रोते हुए देखा, जिसके बाद उसने बीड में शिवाजीनगर पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस मौके पर पुहंची और बाल कल्याण समिति के सदस्यों के साथ बच्चों को कस्टडी में लिया।
बच्चों के पास मिले नोट में क्या लिखा था
पुलिस ने बताया कि बच्चों के पास छोड़े गए नोट में महिला ने लिखा था, ‘इन बच्चों के कोई माता-पिता नहीं हैं। कृपया इन्हें यवतमाल भेज दें और यह सुनिश्चित करें कि ये सुरक्षित पहुंच जाएं।’ पुलिस के अनुसार, इसमें यवतमाल का एक पता और एक मोबाइल नंबर भी लिखा था। जब पुलिस ने उस नंबर पर कॉल की तो पता चला कि वह नंबर बच्चों के नाना का था।
सीसीटीवी फुटेज में दिखी महिला
पुलिस ने बताया कि जब सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई और पूछताछ की गई तो पता चला कि बच्चों की मां ही अपने दोनों नाबालिग बच्चों को एक सरकारी बस में छोड़कर भाग गई। वह अपने प्रेमी के साथ भागी थी। अधिकारियों ने बताया कि रविवार को बच्चों को छोड़ने से पहले, महिला ने कथित तौर पर उनकी जेब में एक हाथ से लिखा हुआ नोट डाल दिया था, जिसमें यवतमाल का एक पता और उसके पिता का मोबाइल नंबर लिखा था।
तुलजापुर-संभाजीनगर बस में हुई थी सवार
पुलिस के अनुसार, यवतमाल की रहने वाली यह महिला बच्चों के साथ तुलजापुर-संभाजीनगर बस में सवार हुई थी। शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि सफ़र के दौरान, वह कथित तौर पर बस से बीच रास्ते में ही उतर गई और अपने प्रेमी के साथ एक स्कूटर पर बैठकर भाग गई।
नाना ने बच्चों को अपनाने से किया इनकार
पुलिस ने नोट में लिखे फोन नंबर का इस्तेमाल करके बच्चों के नाना से संपर्क किया और उन्हें 18 मई को बीड बुलाया। हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि बच्चों के नाना को अपने पोते-पोतियों की हालत और भलाई के बजाय, अपनी बेटी के ले जाए गए एक स्कूटर की चिंता थी। उन्होंने बताया कि बेटी जो स्कूटर लेकर भागी है, वह उनका था। वह उनका मोबाइल फ़ोन और 20,000 रुपये कैश लेकर भी भागी है।

