कोलकाता : पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के बंगाल से अवैध घुसपैठियों को ‘DEPORT’ (देश-निकाला) करने का आदेश देने के बाद हलचल मच गई है। बंगाल में बसे अवैध बांग्लादेशियों में चिंता फैल गई है। इधर गिरफ्तारी और कार्रवाई से बचने के लिए अवैध बांग्लादेशियों ने पलायन शुरू कर दीया है। मंगलवार को आलम यह रहा कि स्वरूपनगर में भारत-बांग्लादेश सीमा के पास अवैध अप्रवासियों का मजा लग गया। अपने सामान के बाद बांग्लादेशी बॉर्डर पर एकत्र हो गए। भीड़ इतनी ज्यादा बढ़ गई कि उन्हें कंट्रोल करने के लिए फोर्स बढ़ानी पड़ी। बीएसएस और सतर्क हो गई है।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पुलिस विभाग और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे दूसरे देशों से आए गिरफ्तार किए गए अवैध घुसपैठियों को अदालतों में पेश करने के बजाय सीधे निकटतम सीमा सुरक्षा बल (BSF) की सीमा चौकियों पर भेज दें।

हकीमपुर बॉर्डर पर जमा भीड़

पश्चिम बंगाल के उत्तरी 24 परगना ज़िले में हकीमपुर सीमा क्षेत्र पर लोगों की भीड़ देखी गई। माना जा रहा है कि ये लोग बांग्लादेश लौटने के लिए वहां जमा हुए हैं। यह सब तब हो रहा है जब राज्य सरकार कथित अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर रही है। इससे पहले भी इसी तरह के दृश्य तब देखने को मिले थे, जब ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न’ (SIR) प्रक्रिया शुरू हुई थी।

स्वरूपनगर बॉर्डर पर दिखी भीड़

स्वरूपनगर बॉर्डर पर मौजूद लोगों ने कहा कि हमें लगा था कि TMC जीतेगी, लेकिन BJP जीत गई है इसीलिए हम यहां से जा रहे हैं। इससे पहले, CM अधिकारी ने कहा था कि अवैध घुसपैठियों को सीधे BSF को सौंपने की व्यवस्था पश्चिम बंगाल में तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। उन्होंने पुलिस और RPF अधिकारियों के साथ एक बैठक की और उन्हें निर्देश दिया कि वे गिरफ्तार किए गए अवैध घुसपैठियों को अदालतों में पेश करने के बजाय निकटतम BSF सीमा चौकियों (BoPs) पर भेज दें।

अवैध बांग्लादेशियों पर शिकंजा

अब से, यदि कोई अवैध घुसपैठिया हावड़ा स्टेशन पर या कहीं और गिरफ्तार किया जाता है, तो उसे अदालत में पेश नहीं किया जाएगा। इसके बजाय, उन्हें भोजन उपलब्ध कराया जाएगा और सीधे BSF BoPs पर भेज दिया जाएगा या तो बनगांव उप-मंडल में बेनापोल-पेट्रापोल सीमा चौकी पर, या बशीरहाट में स्थित चौकी पर। ये दोनों ही उत्तरी 24 परगना जिले में हैं।

डिटेक्ट, डिलीट, डिपोर्ट नीति पर काम कर रहे शुभेंदु

सीएम शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि अवैध बांग्लादेशियों का पता लगाओ-हटाओ और निर्वासित करो। उन्होंने कहा कि बंगाल सरकार detect delete deport) नीति पर काम कर रही है। इस नीति का वादा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी पश्चिम बंगाल में अपने चुनाव-पूर्व अभियानों के दौरान किया था। उन्होंने यह भी कहा कि उनका कार्यालय गिरफ्तार किए गए और BSF चौकियों पर भेजे गए अवैध घुसपैठियों की संख्या का साप्ताहिक ब्योरा रखेगा।

मालदा में बना होल्डिंग सेंटर

हाल ही में संपन्न हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले BJP के मुख्य चुनावी मुद्दों में से एक न केवल अवैध घुसपैठ को रोकना था, बल्कि राज्य को उन अवैध घुसपैठियों से मुक्त कराना भी था, जो कथित तौर पर जाली भारतीय पहचान दस्तावेजों का उपयोग करके वहां रह रहे हैं। मालदा राज्य का पहला ऐसा ज़िला बन गया है, जहां अवैध विदेशी नागरिकों के लिए एक होल्डिंग सेंटर बनाया गया है। अधिकारियों ने बताया कि इस सेंटर में अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को रखा जाना शुरू हो गया है।

कैसा है बंगाल का होल्डिंग सेंटर

इंग्लिश बाज़ार के चंदन पार्क में स्थित इस होल्डिंग सेंटर को तब चालू किया गया है। रविवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच गज़ोल के पांडुआ इलाके से 9 लोगों, जिनमें तीन महिलाएं और 6 नाबालिग शामिल है, उन्हें यहां लाया गया। इसे कई स्तरों वाली सुरक्षा घेरे में रखा गया है, जिसमें CCTV निगरानी, ​​पुलिसकर्मियों, सिविल डिफ़ेंस स्टाफ़ और नागरिक स्वयंसेवकों की तैनाती के साथ-साथ भोजन और रखरखाव की भी व्यवस्था की गई है।
पुलिस अधिकारी

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