चेन्नई: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय ब्यूरोक्रेसी को बदलने में जुटे हुए हैं, लेकिन सोमवार को उनके एक फैसले ने विपक्ष को चौंका दिया है। सीएम विजय ने चेन्नई के पुलिस कमिश्नर रहे आईपीएस ए अरुण को सबसे पावरफुल और अहम कुर्सी पर बैठाया है। ए अरुण वहीं आईपीएस हैं। जिनके खिलाफ टीवीके ने चुनावों के दौरान इलेक्शन कमीशन से शिकायत की थी, इसके बाद आयोग ने चेन्नई के सीपी के पद से उन्हें हटा दिया था। तमिलनाडु के सीएम विजय के इस फैसले ने हर किसी को हैरत में डाल दिया है। राज्य सरकार के आदेश के बाद मंगलवार को आईपीएस ए अरुण ने डायरेक्टरेट ऑफ विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन (DVAC) के डायरेक्टर का कार्यभार संभाल लिया।

बीजेपी बोली-टीवीके डीएमके 2.0 है

तमिलनाडु में भ्रष्टाचार की सर्वोच्च जांच एजेंसी के प्रमुख पर ए. अरुण की नियुक्त का बीजेपी ने भी विरोध किया है। पार्टी के नेता विनोज पी सेल्वम ने कहा कि टीवीके डीएमके 2.0 है। उन्होंने सीएम थलपति विजय क्यों डीएमके के दो नेताओं (सेंथिल बालाजी और एक अन्य) के खिलाफ एक्शन के लिए ईडी की स्वीकृति नहीं दे रहे हैं। ए अरुण 1998 बैच के आईपीएस हैं। वह एम के स्टालिन की अगुवाई वाली डीएमके सरकार में चेन्नई पुलिस कमिश्नर रहे हैं। ऐसे में भ्रष्टाचार रोधी संस्था पर प्रमुख बनाने को लेकर टीवीके का फैसला चकित कर रहा है। तमिलनाडु में लगभग हर विपक्षी दल ने ए अरुण की नियुक्ति पर सवाल खड़ा किया है।

ए अरुण की नियुक्ति से क्यों मचा है हड़कंप

  • आईपीएस अरुण अब सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय के निदेशक होने के नाते राज्य की सर्वोच्च भ्रष्टाचार विरोधी एजेंसी के प्रमुख हैं। वह किसी भी शिकायत पर एक्शन ले सकते हैं।
  • आईपीएस ए अरुण सरकार की दिशा-निर्देशों के मुताबिक चलने के लिए जाने जाते हैं। वे काफी तेजतर्रार आईपीएस हैं।
  • डीवीएसी चीफ का काम है कि वह भ्रष्टाचार के मामलों की गाेपनीयता से जांच सुनिश्चित करे। जांच के साथ इन मामलों की नियमित निगरानी करें।
  • भ्रष्टाचार और रिश्तघोरी की शिकायतों में रंगे हाथों गिरफ्तारी के लिए जाल बिछाने और भ्रष्ट अधिकारियों को रिश्वत मांगते या स्वीकार करते हुए पकड़े।
  • कौन हैं आईपीएस ए अरुण
  • तमिलनाडु में टीवीके की पूर्ववर्ती डीएमके सरकार ने आईपीएस ए अरुण को जुलाई, 2008 में चेन्नई पुलिस कमिश्नर बनाया था। अब एडीजीपी लेवल के इस आईपीएस को सीएम विजय ने पावरफुल पोस्ट दी है। आईपीएस ए अरुण ने गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग सलेम से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक (टॉपर्स) की है। वे मार्शल आर्ट्स और कराटे में भी माहिर हैं। उन्हें 2016 में पुलिस सेवा में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए पुलिस पदक से सम्मानित किया गया था। ए अरुण तमिलनाडु के डिंडीगुल और सलेम के रहने वाले हैं।
  • आईपीएस ए.अरुण की बड़ी बातें
  • अरुण ने हमेशा महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। उन्होंने 2004 में बतौर डीसीपी एक ऑपरेशन भी चलाया था। इसके बाद वे सुर्खियों में आए थे।
  • नेल्लोर में स्टुअर्टपुरम में एक वक्त पर अपराधियों के एक गैंग ने कई घरों में चोरियों की वारदात से हड़कंप मचा दिया था तब ए. अरुण ने गांव में एक हफ्ते तक कैंप किया था। इसके बाद गैंग पकड़ा गया था।
  • कैशलेस ई-चालान प्रणाली का श्रेय
  • ए अरुण को जुलाई 2024 में बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के प्रदेश अध्यक्ष के आर्मस्ट्रांग की हत्या के बाद कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उन्हें भारत में यातायात उल्लंघनों के लिए कैशलेस ई-चालान प्रणाली शुरू करने का श्रेय दिया जाता है। इसके अलावा उन्होंने चेन्नई शहर में थर्ड आई के नाम से 24×7 व्यापक निगरानी कैमरा नेटवर्क स्थापित किया है।
Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930  
Exit mobile version