भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मॉनसून को लेकर बड़ी भविष्यवाणी की है. जून से सितंबर में होने वाली मॉनसूनी बारिश को लेकर मौसम विभाग ने शुक्रवार को आयोजित प्रेस कॉफ्रेंस में सामान्य से कम बारिश की भविष्यवाणी की है. इससे पहले मौसम विभाग ने 13 अप्रैल को मॉनसून को लेकर पहला पूर्वानुमान जारी किया था. आज जारी दूसरे पूर्वानुमान में IMD ने लॉन्ग रेंज रेन फॉल 90 प्रतिशत होने की संभावना जताई है. इसमें 4 प्रतिशत प्लस-माइनस में रखा गया है. देश के अलग-अलग रीजन के लिए मानसूनी बारिश की भविष्यवाणी में भी मौसम विभाग ने सामान्य से कम बारिश की भविष्यवाणी की है. सामान्य से कम बारिश के पीछे सुपर अल-नीनो को कारण बताया गया है. 

मॉनसून पर IMD की भविष्यवाणी की बड़ी बातें

उत्तर पश्चिम भारत में लॉन्ग पीरियड एवरेज का 92% यानी औसत से कम बारिश होने का पूर्वानुमान है.

दक्षिण पश्चिम मानसून सीजन के दौरान इस साल लॉन्ग पीरियड एवरेज का 90% तक बारिश होने का पूर्वानुमान है (मॉडल त्रुटि प्लस माइनस 4% है)

इस साल जून से सितंबर के बीच दक्षिण पश्चिम मॉनसून सीजन के दौरान देश में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है.

उत्तर पूर्व भारत में सामान्य बारिश होने का पूर्वानुमान है (94% to 106% of LPA)

मध्य भारत और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में सामान्य से कम बारिश होने का पूर्वानुमान है.

मध्य भारत और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में सामान्य से कम बारिश होने का पूर्वानुमान है.
उत्तर पश्चिम भारत में लॉन्ग पीरियड एवरेज का 92% यानी औसत से कम बारिश होने का पूर्वानुमान है.
Monsoon Core Zone – जो मध्य भारत के ऊपर एक Zone है जहां ज्यादातर खेती बारिश पर ज्यादा निर्भर करती है – वहां भी सामान्य से कम बारिश होने का पूर्वानुमान है.

IMD के DG डॉ. एम मोहपात्रा ने क्या कहा?

IMD के DG डॉ. एम मोहपात्रा ने कहा कि जून 2026 में देश के अधिकतर हिस्सों में मासिक अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने का संभावना है. हालांकि मध्य, उत्तर पश्चिम और पूर्व भारत के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य या उससे कम रहने की संभावना है. देश के अधिकांश हिस्सों में मासिक न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक रहने की संभावना है.

जून में भारत के इन 12 राज्यों में बने हीट वेब के हालात

जून महीने के दौरान उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार, उड़ीसा, छत्तीसगढ़, गुजरात और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में और महाराष्ट्र, तेलंगाना, मध्य प्रदेश और तमिलनाडु के कुछ इक्का-दुक्का क्षेत्र में सामान्य से अधिक हीटवेब जैसे कंडीशन डेवलप होने की संभावना है. सामान्य से कम बारिश, जून तक हीट वेब की आशंका यह बताता है कि इस साल भी पूरे देश में भीषण गर्मी पड़ने वाली है.

13 अप्रैल को जारी पहले पूर्वानुमान में भी सामान्य से कम बारिश की थी भविष्यवाणी

इससे पहले 13 अप्रैल को जारी पहले पूर्वानुमान में भी IMD ने सामान्य से कम बारिश रहने की संभावना जताई थी. तब आईएमडी ने कहा था कि भारत में इस दौरान 80 सेंटीमीटर बारिश होने की संभावना है. देश में मौसमी बारिश का (1971 से 2020 तक) दीर्घकालिक औसत (एलपीए) 87 सेंटीमीटर रहा है.

सामान्य से कम बारिश अल नीनो के कारण

सामान्य से कम वर्षा का एक कारण अल नीनो की स्थिति का उभरना हो सकता है, जिससे देश में कम बारिश होती है. आईएमडी के अनुसार, जलवायु मॉडल संकेत देते हैं कि जून के आसपास अल नीनो की स्थिति बनने की संभावना है. वर्तमान में भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में कमजोर ला नीना की स्थिति धीरे-धीरे समाप्त होकर सामान्य (तटस्थ) जलवायु स्थिति में बदल रही है.

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