नई दिल्‍ली: अपने करियर की सबसे बड़ी जीत के कुछ ही घंटों बाद, पैरा एथलीट चिराग त्यागी की उसके सबसे करीबी दोस्त ने गोली मारकर हत्या कर दी. वह अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला था. घर में जश्‍न मनाने की पूरी तैयारी हो चुकी थी, लेकिन वहां अब मातम पसरा हुआ है. कुछ ही दिन पहले, 24 साल के चिराग बेंगलुरु में आयोजित 8वीं इंडियन ओपन पैरा एथलेटिक्स इंटरनेशनल चैंपियनशिप में पोडियम पर खड़े थे और गर्व से गोल्‍ड और सिल्‍वर पदक पकड़े हुए थे. उन्‍होंने एशियाई पैरा गेम्स के लिए क्वालीफाई कर लिया था, जो उनका जीवनभर का सपना था.

दोस्‍त ने मारी पीठ में गोली 

चिराग त्यागी उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने वाला एक असाधारण टी12 श्रेणी (दृष्टिबाधित) का धावक था. लेकिन शनिवार को, उसका यह सपना बेरहमी से टूट गया. हिंडन के पास सुनसान साई उपवन इलाके में चिराग पीठ में गोली लगने से मृत पाया गया. एक चौंकाने वाले मोड़ में, गोली चलाने की बात कबूल करने वाला कोई अजनबी नहीं, बल्कि उसका रूममेट, ट्रेनिंग पार्टनर और लगभग आठ साल से करीबी दोस्त साथी पैरा एथलीट यश खटीक था.

“मैं घर आ रहा हूं…”, चिराग ने फोन कर कहा था 

मौत से कुछ घंटे पहले, चिराग ने अपने परिवार को फोन करके कहा, “मैं घर आ रहा हूं.” चिराग तो घर नहीं पहुंचे, लेकिन इसके बजाय उनके परिवार को उनकी हत्या की खबर मिली. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फिलहाल हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार की बरामदगी कर रही है. चिराग के चाचा राजेश त्यागी ने NDTV को बताया कि घटना वाले दिन सुबह 8:10 बजे चिराग ने परिवार को फोन करके बताया था कि वह दोपहर 3:00 बजे तक घर आ जाएगा. फोन के कुछ ही देर बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया. अपने चैंपियन बेटे का घर पर स्वागत करने के बजाय, परिवार को कोतवाली पुलिस का फोन आया, जिसमें उन्हें चिराग के दुखद निधन की सूचना दी गई.

विश्वास पर बनी दोस्ती, ईर्ष्या से चकनाचूर

लगभग एक दशक तक चिराग और यश ने सब कुछ साझा किया. वे दृष्टिबाधित एथलेटिक्स वर्ग में एक साथ प्रतिस्पर्धा करते थे, एक ही कमरे में रहते थे और पिछले पांच वर्षों में कठिन ट्रेनिंग सेशंस के दौरान एक-दूसरे को प्रेरित करते थे. चिराग को यश पर पूरा भरोसा था, यहां तक ​​कि उसने अपने निजी खाते की जानकारी भी उसके साथ साझा की थी. सैथिली गांव में रहने वाले चिराग के परिवार के अनुसार, उनके बीच कभी कोई अनबन नहीं थी. चिराग एक बेहद शांत और सौम्य लड़का था, जिसने कभी किसी को परेशान नहीं किया.
पुलिस ने शुरू में बताया था कि हत्या की वजह दस्तावेज़ सत्यापन को लेकर हुआ विवाद था, जिसके चलते यश की खेल योग्यता रद्द कर दी गई थी. लेकिन चिराग के परिवार ने एक बड़ा खुलासा किया. चिराग ने वास्तव में यश के खिलाफ कभी कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई थी. उनका कहना है कि असली मकसद चिराग की बढ़ती सफलता को लेकर बेहिसाब ईर्ष्या थी.

शनिवार तड़के चिराग पर हमला हुआ. पुलिस उपायुक्त धवल जायसवाल के अनुसार, गाजियाबाद पुलिस को सुबह 3:00 बजे के बाद साई कुंज के पास एक शव पड़े होने की सूचना मिली. जांचकर्ताओं ने तुरंत सीसीटीवी फुटेज का सहारा लिया, जिससे वे सीधे यश खटीक तक पहुंचे. पूछताछ के दौरान यश ने कबूल किया कि उसने चिराग को एक सामान्य मुलाकात के बहाने सुनसान जगह पर बुलाया और फिर पेशेवर दुश्मनी का बदला लेने के लिए उसकी पीठ में गोली मार दी. गाजियाबाद पुलिस ने यश को हिरासत में ले लिया है और अपराध में इस्तेमाल की गई पिस्तौल बरामद करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है. जांचकर्ता यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या किसी और ने इस षड्यंत्र की योजना बनाने में मदद की थी. 

परिवार की शिकायत के आधार पर औपचारिक मामला दर्ज कर लिया गया है. चिराग त्यागी ने दृष्टिबाधित होने के बावजूद वर्षों तक संघर्ष किया और इंटरनेशनल चैंपियन बने. उन्होंने ट्रैक पर दुनिया को अपनी ताकत का प्रदर्शन किया, लेकिन एक भरोसेमंद दोस्त ने छुपकर उनकी जिंदगी छीन ली.

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