चेन्नई: सेना में महिलाओं के अधिकारों के लिए देश के सर्वोच्च अदालत तक लड़ने वाली चेन्नई की एडवोकेट वी. मोहना को सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। बार से सीधे सुप्रीम कोर्ट में प्रोन्नति और जज बनने वाली वी मोहना देश की दूसरी महिला बन गई हैं। इससे पहले इंदु मल्होत्रा को सीधे एडवोकेट से सुप्रीम कोर्ट में जज नियुक्त किया गया था। वी मोहना के सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश बनने पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने पूरी राज्य सरकार की ओर से बधाई दी है।


काेयंबटूर की मूल निवासी हैं वी मोहना

तमिलनाडु सीएम विजय ने अपने बधाई मैसेज में कहा है कि तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले की वरिष्ठ अधिवक्ता वेंकिटा सुब्रमण्यम मोहना को सुप्रीम कोर्ट का नया न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। तमिलनाडु से यह सम्मान पाने वाली पहली महिला बनी हैं। वेंकिटा सुब्रमण्यम मोहना की नियुक्ति महिलाओं की शिक्षा और आर्थिक प्रगति को बढ़ावा देने के लिए एक प्रेरणा शक्ति के रूप में खड़ी है। अपनी ओर से और तमिलनाडु सरकार और तमिलनाडु की जनता की ओर से उन्हें हार्दिक बधाई देता हूं, क्योंकि वे सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में अपनी जिम्मेदारियां संभालने जा रही हैं।

जेंडर इक्वालिटी पर की जोरदार बहस

वी मोहना ने एक वकील के तौर आर्म्ड फोर्सेज में जेंडर इक्वालिटी के लिए सबसे अहम केस में बहस की थी। वे भारतीय सेना में महिला ऑफिसर्स के लिए परमानेंट कमीशन दिलाने वाले लैंडमार्क केस में पेश हुई थीं। केंद्र सरकार ने अब उन्हें जज नियुक्त किया है।सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में पांच नए जजों (जस्टिस शील नागू, श्री चंद्रशेखर, संजीव सचदेवा और अरुण पल्ली और सुश्री वी मोहना) की नियुक्ति को नोटिफाई किया। इन पांचों के मंगलवार को शपथ लेने की उम्मीद है।

सुप्रीम कोर्ट में 12वीं महिला जज होंगी

वी मोहना अपनी नियुक्ति के साथ सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में जस्टिस इंदु मल्होत्रा के बाद सीधे बार से पदोन्नत होने वाली दूसरी महिला बन गई हैं। वह सुप्रीम कोर्ट के 76 साल के इतिहास में सेवा देने वाली 12वीं महिला जज भी होंगी। चेन्नई में जन्मी वी मोहना पहली पीढ़ी की वकील हैं, जिन्होंने लगभग चार दशकों तक सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस की है। कम पब्लिक प्रोफाइल रखने के लिए जानी जाने वाली, उन्होंने कॉन्स्टिट्यूशनल, सिविल और क्रिमिनल लॉ से जुड़े कई मामलों को संभाला है, साथ ही कई जरूरी मामलों में एमिकस क्यूरी के तौर पर भी काम किया है। सुप्रीम कोर्ट ने आखिरकार महिला शॉर्ट सर्विस कमीशन अधिकारियों के पक्ष में फैसला सुनाया। इसके बाद सेना को उन्हें परमानेंट कमीशन देने का निर्देश दिया और आर्म्ड फोर्सेज में ज्यादा जेंडर पैरिटी का रास्ता खोला।

2031 तक जज रहेंगी वी मोहना

वी मोहना ने 2015 के नेशनल ज्यूडिशियल अपॉइंटमेंट्स कमीशन (NJAC) केस में भी केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व किया था। जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने ज्यूडिशियल अपॉइंटमेंट्स के कॉलेजियम सिस्टम को बदलने की मांग करने वाले कॉन्स्टिट्यूशनल अमेंडमेंट को रद्द कर दिया था। वी मोहना कोयंबटूर लॉ कॉलेज से ग्रेजुएट हैं। वी मोहना को अप्रैल 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने सीनियर एडवोकेट डेजिग्नेट किया था। अगर वह पूरा टर्म पूरा करती हैं तो वी मोहना जून 2031 तक सुप्रीम कोर्ट बेंच पर रह सकती हैं, जब उनकी रिटायरमेंट की उम्र 65 साल हो जाएगी। इससे उन्हें टॉप कोर्ट की महिला जजों में सबसे लंबे समय तक रहने का मौका मिलेगा। सुप्रीम कोर्ट में अभी सिर्फ महिला जज के तौर पर जस्टिस बी.वी. नागरत्ना हैं। जो भारत की पहली महिला चीफ जस्टिस बनने की लाइन में हैं।

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