राजनांदगांव। कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण के लिए वैक्सीन जल्द आएगी। इस भरोसे के साथ जिले में तीन स्थानों पर कोरोना टीकाकरण के लिए मॉकड्रिल की गई। राज्य स्तर के दो वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में यह पूरी प्रक्रिया की गई। इस दौरान टीका लगाने से लेकर वैक्सीन को लाने और सुरक्षित ले जाने तक का ट्रायल किया गया। प्रक्रिया के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा-मॉकड्रिल में हम सफल हुए। कोरोना टीकाकरण की मॉकड्रिल करने के लिए जिले में तीन सेंटर चुने गए थे। इस पूरे ट्रायल को देखने के लिए एमडी (नएचएम) प्रियंका शुक्ला तथा राजनांदगांव कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा सहित पड़ोसी जिला बालोद के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी पहुंचे। मॉकड्रिल करने के लिए राजनांदगांव शहर में पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी मॉडल स्कूल और शंकरपुर स्थित गजानन माधव मुक्तिबोध स्कूल को सेंटर बनाया गया। वहीं डोंगरगढ़ के खालसा स्कूल में ट्रायल किया गया। प्रत्येक सेंटर में 25-25 प्रतीकात्मक लाभार्थी को बुलाया गया। मॉकड्रिल के क्रम में सबसे पहले संबंधित क्षेत्र के लाभार्थियों को टीकाकरण की सूचना देने के लिए उनके मोबाइल पर मैसेज भेजा गया। कॉल के माध्यम से उन्हें संबंधित सेंटर की जानकारी दी गई। साथ ही सेंटर पर पहुंचने का समय भी बताया गया। इस संबंध में जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. बीएल कुमरे ने बताया, कोरोना टीकाकरण की मॉकड्रिल सफल रही। मॉकड्रिल के पहले प्रतीकात्मक लाभार्थी को कॉल किया गया। वैक्सीन के पहुंच जाने पर चिह्नांकित किए गए लाभार्थियों का आईडी चेक किया गया, जिसके सत्यापन के बाद उसे टीकाकरण के लिए चेंबर में भेजा गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वैक्सीन को कोल्ड चेन से सेंटर तक पहुंचाने का भी ड्रिल किया। वहीं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी ने बताया, कोरोना टीकाकरण की मॉकड्रिल जिले में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। मॉकड्रिल के तहत टीका लगने के बाद प्रतीकात्मक लाभार्थी को लगभग आधा घंटा तक सेंटर में ही रूकवाया गया। इस बीच प्रत्येक सेंटर में 5-5 लोगों की रेस्क्यू टीम भी तैनात की गई। यानी टीकाकरण के बाद प्रतीकात्मक लाभार्थी को अगर कुछ असहज लगने लगे या साइड इफैक्ट की शिकायत आई तो क्या करना है, इसका भी ट्रायल किया गया। टीकाकरण पूरा होने के बाद वैक्सीन किट को कोल्ड चेन तक सुरक्षित पहुंचाने की भी मॉकड्रिल हुई। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा के लिहाज से पुलिस जवान भी तैनात किए गए। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले के फ्रंट लाइन कोरोना वॉरियर्स की सूची बना ली गई है। उन्होंने बताया, कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण तथा इससे बचाव के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में संभावित कोरोना टीकाकरण को ध्यान रखते हुए सरकार के निर्देशानुसार टीकाकरण के लिए जिले में लगभग साढ़े 14,000 फ्रंट लाइन वॉरियर्स का पंजीयन किया गया है। राजनांदगांव के पेंड्री स्थित कोविड-19 हॉस्पिटल परिसर में संचालित लैब में पांच माह के भीतर 1 लाख से ज्यादा आरटीपीसी सैंपल की जांच की गई है। प्रदेश में यह पहला लैब है जहां इतने कम समय में सर्वाधिक सैंपल की जांच की गई है। सैंपलिंग में रिकॉर्ड बनाने पर साल के पहले दिन 1 जनवरी को लैब में कार्यक्रम भी आयोजित किया गयाए जहां लैब के डॉक्टर्स से लेकर तकनीशियनों ने अपने अनुभव साझा किए। लैब के नोडल अधिकारी डॉ. विजय अंबादे ने बताया कि कुल 12,721 सैंपल लिए गए। इनमें से 89,110 सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव रही। वहीं 13,611 सैंपल की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। डॉ. अंबादे ने बताया कि इस लैब में राजनांदगांव सहित बालोद और कवर्धा जिले से भेजे गए सैंपल की भी जांच की गई। हाल ही में धमतरी जिले के लैब में तकनीकी खराबी आने पर वहां के सैंपल की भी जांच कर रिपोर्ट दी गई। इसी तरह 31 दिसंबर को सर्वाधिक 2,400 सैंपल की जांच कर रिपोर्ट दी गई। यह सब टीम वर्क की वजह से संभव हुआ। सैंपल की जांच जल्द होने से ही जिले में रिकवरी दर बढ़ी है।
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