कोझिकोड : साल 1986, कन्नूर जिले के इरिट्टी का रहने वाला किशोर मोहनन केरल के कूदारंजी में नाले में मृत मिला था। तब उसकी पहचान नहीं हो सकी। मोहनन के परिवार वाले 40 साल तक मौत से बेखबर रहे। उन्हें सिर्फ इतना पता था कि किशोर मोहनन मजदूरी करने कोझिकोड़ गया और फिर लापता हो गया। चार दशक बाद अचानक कोझिकोड़ के तिरुवंबाडी पुलिस के सामने 55 साल का मुहम्मद अली सामने आया। उसने बताया कि मोहनन की हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए सरेंडर कर दिया। भूली-बिसरी घटना के सामने आने पर पुलिस भी चौंक गई। 11 महीनों तक उसके दावों की जांच के लिए 40 साल पुराने अखबार खंगाले गए। पुष्टि होने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया। हालांकि उसे जमानत भी मिल गई।
यौन उत्पीड़न के विरोध में की थी हत्या
कबूलनामे के मुताबिक, 1986 में मुहम्मद अली मुसलमान नहीं, क्रिश्चियन था। तब उसका नाम एंटनी था। उसकी उम्र 14 साल की थी। दिसंबर के महीने में किशोर मोहनन ने कूदारंजी में उसके साथ यौन उत्पीड़न करने की कोशिश की थी। एंटनी ने इसका विरोध किया और पूरी ताकत लगाकर मोहनन को एक नाले में धकेल दिया। एंटनी उसे तब तक पानी के नीचे दबाए रखा, जब तक कि मोहनन की मौत नहीं हुई। तिरुवंबाडी पुलिस स्टेशन के एसएचओ प्रशांत के. ने बताया कि चार दशक पहले पुलिस ने इसे प्राकृतिक मौत माना था। शव की पहचान नहीं होने के कारण इस मामले को अज्ञात व्यक्ति के डूबने का मामला मानकर बंद कर दिया था।
- 1986 में यौन शोषण के विरोध के दौरान एंटनी उर्फ मुहम्मद अली ने की थी हत्या
- वारदात के बाद वह केरल और तमिलनाडु में भटकता रहा, धर्म भी बदल लिया
- 40 साल बाद बच्चों के बड़े होने पर उतारा दिल का बोझ, कर दिया सरेंडर
हत्या के बाद ईसाई से मुसलमान बना एंटनी
इस घटना के बाद एंटनी घर छोड़कर भाग गया। वह केरल और तमिलनाडु के अलग-अलग हिस्सों में छोटे-मोटे काम करने लगा। फिर उसने ईसाई धर्म छोड़कर इस्लाम अपना लिया, अपना नाम मुहम्मद अली रख लिया। केरल के मलप्पुरम के वेंगारा में नारियल तोड़ने का काम करने लगा। फिर शादी की और चार बच्चों का पिता भी बना। उसके एक बेटे की नौ साल की उम्र में मौत हो गई। इस घटना ने उसके दिल पर गहरा असर पड़ा। एंटनी उर्फ मुहम्मद अली ने पुलिस को बताया कि बेटे की मौत के बाद ही वह अपना गुनाह कबूल करना चाहता था। मगर उसने दो बेटों और एक बेटी के भविष्य को देखते हुए सरेंडर के विचार को त्याग दिया। अब गुनाह कबूल करने के बाद वह राहत महसूस कर रहा है।

