वैश्विक उथल-पुथल और पश्चिम एशिया संकट के बावजूद अर्थव्यवस्था के विकास की गति जारी है। गत वित्त वर्ष 2025-26 में भी 7.7 प्रतिशत की विकास दर के साथ भारत सबसे तेज गति से विकास करने वाला देश बना हुआ है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार विकास में मुख्य रूप से मैन्यूफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर का योगदान दर्ज किया गया है। वित्त वर्ष 2024-25 में विकास दर 7.1 प्रतिशत थी। वित्त वर्ष 2025-26 की अंतिम तिमाही (जनवरी-मार्च) में विकास दर में पूर्व के वित्त वर्ष 2024-25 की अंतिम तिमाही के मुकाबले 7.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी रही।
इस वर्ष 28 फरवरी को ईरान व अमेरिका के बीच युद्ध शुरू होने के बाद मार्च में कच्चे तेल की कीमत में बढ़ोतरी के साथ वैश्विक मांग भी प्रभावित हो गई थी। इन सबके बावजूद अंतिम तिमाही में 7.8 प्रतिशत का इजाफा घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है। हालांकि चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) ने विकास दर के अपने अनुमान को कम कर दिया है।
देश के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन भी मानते हैं कि पश्चिम एशिया संकट के जारी रहने, तेल के बढ़ते दाम एवं अल नीनो की वजह से मानसून के प्रभावित होने से नीति निर्धारकों को इस पर निगरानी रखने की जरूरत है। हालांकि चालू वित्त वर्ष के पहले दो महीनों में अर्थव्यवस्था की स्थिति मजबूत दिख रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक हालात को देखते हुए अभी चालू वित्त वर्ष में महंगाई व विकास दर का अनुमान लगाना मुश्किल काम है।
अगर पश्चिम एशिया संकट दूर हो जाता है और वैश्विक उथल-पुथल कम हो जाती है, तो वित्त वर्ष 2027-28 में फिर से भारत की विकास दर सात प्रतिशत को पार कर सकती है। गत वित्त वर्ष की समाप्ति के बाद देश की जीडीपी 323.12 लाख करोड़ हो गई। वर्तमान मूल्य पर जीडीपी 346 लाख करोड़ तक पहुंच गई। गत वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही में जीडीपी में 87.77 लाख करोड़ का इजाफा हुआ।
किस सेक्टर में कितनी बढ़ोतरी (प्रतिशत में)
- कृषि व संबंधित – 3.0
- मैन्यूफैक्चरिंग – 10.7
- इलेक्ट्रिसिटी, गैस, जल सेवा – 1.7
- व्यापार, होटल, संचार व परिवहन – 11.0
- निर्माण – 7.4
- वित्त, रियल एस्टेट, आइटी व अन्य प्रोफेशनल्स – 10.4
- लोक प्रशासन, रक्षा व अन्य सेवा – 5.0
- खनन व संबंधित – 5.2
2025-26 की प्रत्येक तिमाही में विकास दर (प्रतिशत में)
- पहली तिमाही – 6.8
- दूसरी तिमाही – 8.3
- तीसरी तिमाही – 8.0
- चौथी तिमाही – 7.8
पिछले तीन वित्त वर्षों में वृद्धि दर (प्रतिशत में
- 2023-24 : 7.2
- 2024-25 : 7.1
- 2025-26 : 7.7
जीडीपी विकास दर अर्थव्यवस्था की बुनियादी ताकत को दर्शाती है, सुधार कार्यक्रम की सफलता और 140 करोड़ जनता की कड़ी मेहनत को बयां करती है। हम कारोबार एवं जिंदगी को आसान बनाने और युवाओं के लिए अवसर बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।– नरेन्द्र मोदी, प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार वैश्विक चुनौतियों के बीच सकारात्मक आर्थिक गति बनाए रखने के लिए निर्णायक नीतिगत उपायों के साथ सुधार एक्सप्रेस को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।– निर्मला सीतारमण, वित्त मंत्री

