भारत के दो सबसे बड़े शेयर HDFC Bank और रिलायंस इंडस्ट्रीज MSCI इमर्जिंग मार्केट्स इंडेक्स के टॉप-10 से बाहर हो गए हैं। इंडेक्स पर नजर रखने वाले एक्सपर्ट्स का कहना है कि साल 2000 के बाद यह पहली बार है जब इस इंडेक्स की टॉप-10 लिस्ट में भारत का कोई भी शेयर नहीं है। यह इंडेक्स दुनियाभर में 700 अरब डॉलर से अधिक के एसेट्स का प्रबंधन करने वाले पैसिव फंडों के लिए एक प्रमुख बेंचमार्क है।

क्या होता है MSCI EM Index?

MSCI इमर्जिंग मार्केट्स इंडेक्स दुनिया के उभरते बाजारों को ट्रैक करने वाला एक बेंचमार्क इंडेक्स है। इसमें भारत, चीन, ताइवान, साउथ कोरिया समेत कई देशों के बड़े शेयर शामिल होते हैं। दुनियाभर के फंड मैनेजर इसी इंडेक्स को देखकर तय करते हैं कि किस देश में कितना पैसा लगाना है। जब किसी देश का वेट इसमें घटता है तो उस देश के शेयरों में आने वाला विदेशी पैसा भी कम होने लगता है।

अचानक क्या हो गया?

मार्च तक इंडेक्स में HDFC Bank सातवें और रिलायंस आठवें स्थान पर थे। अब दोनों क्रमश: 11वें और 12वें पायदान पर आ गए हैं। इंडेक्स में दोनों की हिस्सेदारी 0.8 फीसदी से भी नीचे गिर गई है। HDFC Bank का शेयर अपने पीक से करीब 26 फीसदी और Reliance का शेयर करीब 20 फीसदी नीचे आ चुका है। दूसरी तरफ TSMC का शेयर अपने निचले स्तर से 48 फीसदी, Samsung 147 फीसदी और SK Hynix 194 फीसदी उछल चुका है।

रैंककंपनीइंडेक्स में हिस्सेदारी (%)2026 में शेयर का प्रदर्शन (YTD %)
1TSMC14.98+48.1
2Samsung Electronics8.09+146.5
3SK Hynix6.01+193.5
4Tencent2.89-25.5
5Alibaba2.12-17.4
6MediaTek1.60+184.6
7Delta Electronics1.15+134.2
8Hon Hai Precision0.90+16.9
9Samsung Electronics (Preferred)0.89
10China Construction Bank0.76+11.3
11HDFC Bank0.71-25.5
12Reliance Industries (RIL)0.67-19.6

IIFL कैपिटल सर्विसेज के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट श्रीराम वेलायुधन ने कहा कि दुनिया के दूसरे बाजारों में AI और सेमीकंडक्टर थीम में आई तेजी की वजह से भारतीय कंपनियां टॉप-10 से बाहर हुई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इंडेक्स में वेट घटने का असर पैसिव और एक्टिव दोनों तरह की निवेश रणनीतियों पर पड़ता है। क्योंकि फंड मैनेजर अपने पोर्टफोलियो का आवंटन इंडेक्स वेटेज के आधार पर तय करते हैं।

निवेशकों पर क्या पड़ेगा असर?

MSCI EM Index में अभी 1,200 से ज्यादा शेयर हैं। लेकिन भारत का कुल वेट घटकर 10.87 फीसदी पर आ गया है। यह 6 साल का सबसे निचला स्तर है और 2024 में बने रिकॉर्ड से करीब आधा है। नुवामा के अल्टरनेटिव और क्वांटिटेटिव रिसर्च हेड अभिलाष पगारिया ने कहा कि पिछले दो सालों में भारत का वेट लगातार घटा है। इसकी मुख्य वजह ताइवान, साउथ कोरिया और चीन का बेहतर प्रदर्शन है। ये तीनों देश AI और टेक्नोलॉजी रैली से फायदा उठा रहे हैं और ग्लोबल कैपिटल का बड़ा हिस्सा इनकी तरफ जा रहा है।

इंडेक्स में किस देश की कितनी है हिस्सेदारी

देशफरवरी 2026मई 2026बदलाव
ताइवान22.5%26.41%+3.91%
दक्षिण कोरिया18.08%23.06%+4.98%
चीन23.76%20.36%-3.40%
भारत12.82%10.87%-1.95%
ब्राजील4.56%3.86%-0.70%

कंसंट्रेशन रिस्क की चेतावनी

ताइवान, साउथ कोरिया और चीन मिलकर अब EM इंडेक्स का करीब 70 फीसदी हिस्सा बना चुके हैं। अकेले TSMC, Samsung और SK Hynix की हिस्सेदारी करीब 30 फीसदी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इंडेक्स में इस तरह की कंसंट्रेशन खतरनाक है। अगर AI सेक्टर में कोई बड़ी गिरावट आई या सेमीकंडक्टर शेयरों का वैल्यूएशन घटा तो पूरे इंडेक्स पर गहरा असर पड़ेगा।

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