रायपुर – कृषि महाविद्यालय, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के सेमिनार हॉल में अधिष्ठाता , कृषि महाविद्यालय, रायपुर डॉ. आरती गुहे के मार्गदर्शन में ब्रह्माकुमारी डॉ. गीता बहन (आध्यात्मिक प्रेरक वक्ता, राजयोग प्रशिक्षण एवं परामर्श विशेषज्ञ, शांति सरोवर संस्थान, रायपुर) का प्रेरणादायक व्याख्यान आयोजित किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए महाविद्यालय की प्राध्यापक, डॉ. अन्नू वर्मा द्वारा ब्रह्माकुमारी डॉ. गीता बहन का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत किया गया। तत्पश्चात ब्रह्माकुमारी बहनों का पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का स्वागत करते हुए महाविद्यालय परिवार ने उनके प्रति सम्मान एवं आभार व्यक्त किया। अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में डॉ. गीता बहन ने सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास, मानसिक शांति तथा आध्यात्मिक मूल्यों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भौतिक उपलब्धियों के साथ-साथ मानसिक एवं आध्यात्मिक संतुलन बनाए रखना भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में अनुशासन, समय प्रबंधन तथा सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने बताया कि राजयोग ध्यान के माध्यम से व्यक्ति अपने विचारों को नियंत्रित कर तनावमुक्त जीवन जी सकता है तथा अपने कार्यों में अधिक प्रभावशीलता और सफलता प्राप्त कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जित करना नहीं, बल्कि व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना भी है।
विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहते हुए नैतिक मूल्यों का पालन करना चाहिए। उन्होंने व्याख्यान में उपस्थित सभी श्रोताओं को आत्मचिंतन एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में अधिष्ठाता, कृषि महाविद्यालय, रायपुर, डॉ. आरती गुहे, ने अतिथि वक्ता ब्रह्माकुमारी डॉ. गीता बहन, ब्रह्माकुमारी अदिति बहन, अन्य उपस्थित अतिथियों, प्राध्यापकगण, कर्मचारीगण एवं समस्त छात्र-छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया। यह व्याख्यान सभी प्रतिभागियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं उपयोगी सिद्ध हुआ।
इस कार्यक्रम में अधिष्ठाता छात्र कल्याण, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर डॉ. संजय शर्मा , डॉ. राममोहन सावू , डॉ. आर. के. ठाकुर, कार्यक्रम अधिकारी, राष्ट्रीय सेवा योजना (बालक वर्ग), डॉ. पायल जायसवाल, कार्यक्रम अधिकारी, राष्ट्रीय सेवा योजना (बालिका वर्ग), अन्य प्राध्यापकगण, कर्मचारीगण तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।