अहमदाबाद: गुजरात में एक 56 साल के सरकारी प्राइमरी स्कूल टीचर को लगभग एक साल तक कई नाबालिग लड़कियों के साथ कथित तौर पर यौन शोषण करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान देवानंद बेरा के तौर पर हुई है। वह एक गांव के सरकारी प्राइमरी स्कूल में काम करता था और पिछले तीन साल से वहां पढ़ा रहा था। अधिकारियों ने बताया कि यह टीचर शारीरिक रूप से दिव्यांग है और रिटायरमेंट के करीब है। स्कूल परिसर के अंदर छात्राओं के साथ गलत तरीके से शारीरिक संपर्क बनाता था और उनका यौन शोषण करता था।
कब की घटना?
पुलिस ने बताया कि ये कथित घटनाएं 28 जून, 2025 और 2 मई, 2026 के बीच हुईं। इस दौरान आरोपी ने कथित तौर पर लड़कियों की कम उम्र और मासूमियत का फायदा उठाया और उनके साथ गलत तरीके से शारीरिक संपर्क बनाया। जांचकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ पीड़ित लड़कियों को गंभीर यौन शोषण का सामना करना पड़ा।
कैसे चला घटना का पता?
यह मामला तब सामने आया जब एक छात्रा ने अपने माता-पिता को कथित बैड टच के बारे में बताया। इसके बाद माता-पिता ने दूसरी छात्राओं से बात की और पता चला कि चार और लड़कियों के साथ भी कथित तौर पर ऐसा ही शोषण हुआ था। इस खुलासे से माता-पिता और स्थानीय लोगों में गुस्सा फैल गया।
बच्चों और आरोपी का मेडिकल
पीड़ित परिवारों की शिकायतों के बाद माता-पिता पाटनवाव पुलिस स्टेशन पहुंचे और टीचर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच शुरू की। जांचकर्ताओं ने पीड़ितों और उनके माता-पिता के बयान दर्ज किए हैं। अधिकारियों ने बच्चों और आरोपी का मेडिकल टेस्ट भी कराया है। शुरुआती जांच में पता चला कि स्कूल में CCTV कैमरे नहीं थे, जिसके कारण पुलिस को दूसरे तरीकों से अतिरिक्त सबूत जुटाने पड़े।
शिक्षा विभाग ने किया सस्पेंड
शिकायत के आधार पर पाटनवाव पुलिस ने देवानंद बेरा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 75(2), 351(2), 64(2) और 65(2) के साथ-साथ बच्चों के यौन अपराधों से संरक्षण (POCSO) अधिनियम की धाराओं 6, 8, 10 और 18 के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जबकि शिक्षा विभाग ने आरोपों के बारे में पता चलने के बाद उसे सस्पेंड कर दिया।

