चेन्नेई: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय ने नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में अपना पहला भाषण देते हुए केंद्र सरकार से कई मांगें कर डाली। विजय ने चेन्नई और कन्याकुमारी को जोड़ने वाले हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए जोरदार वकालत की। विजय ने कहा कि तमिलनाडु की तेजी से होती आर्थिक तरक्की के लिए जरूरी है कि अहम नेशनल हाईवे और रेल कॉरिडोर का समय पर विकास हो। उन्होंने केंद्र से पांच बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी देने का आग्रह किया। इनमें सबसे अहम चेन्नई से कन्याकुमारी तक हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का प्रस्ताव था। इस प्रोजेक्ट से तमिलनाडु में कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इसके साथ ही विजय ने बाढ़ से बचाव, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, स्पेस मैन्युफैक्चरिंग और युवाओं की ट्रेनिंग के लिए केंद्र से ज्यादा मदद की मांग की।
हाईवे प्रोजेक्ट्स के लिए भी मंजूरी मांगी
मुख्यमंत्री विजय ने कई हाईवे प्रोजेक्ट्स के लिए भी मंजूरी मांगी। इनमें NH-32 के चेंगलपट्टू-तिरुचिरापल्ली हिस्से को छह-लेन का बनाना, तिरुचिरापल्ली, करूर और कोयंबटूर के बीच NH-81 को चौड़ा करना, माधववरम और शोलज़ावरम के बीच एक एलिवेटेड कॉरिडोर बनाना शामिल है। तमिलनाडु की 1,076 किलोमीटर लंबी तटरेखा का जिक्र करते हुए विजय ने कहा कि राज्य में चक्रवात और बाढ़ का खतरा बना रहता है। इसलिए क्लाइमेट-रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर में लगातार निवेश की जरूरत है।
बोले- स्थायी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ज्यादा मदद चाहिए
उन्होंने कहा कि तमिलनाडु तटीय शहरों में बाढ़ से बचाव के स्थायी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ज्यादा मदद चाहता है। साथ ही, क्लाइमेट रेज़िलिएंट मास्टर प्लान 2045′ के तहत क्लाइमेट-रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ एक कॉम्प्रिहेंसिव डिजास्टर मैनेजमेंट मिशन भी चाहता है। इसका मकसद जीरो कैज़ुअल्टी (किसी की जान न जाए) हो।
विजय ने केंद्र से और क्या मांगा
- विजय ने केंद्र से होगेनाक्कल फेज़-III कंबाइंड वॉटर सप्लाई स्कीम के लिए तय 2,283.40 करोड़ रुपये की मदद जारी करने का भी आग्रह किया।
- स्पेस सेक्टर की बात करते हुए, मुख्यमंत्री ने कुलसेकरपट्टिनम में बन रहे स्पेस मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की मांग की।
- केंद्र से हर जिले में उभरती टेक्नोलॉजी वाले स्किल सेंटर स्थापित करने और पांच लाख युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डीप टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी, क्लाउड कंप्यूटिंग, इलेक्ट्रिक व्हीकल टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर से जुड़े क्षेत्रों में ट्रेनिंग देने के लिए सहयोग का अनुरोध किया।
चुनौतियों से निपटने के लिए मदद मांगी
उन्होंने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि भारत सरकार कुलसेकरपट्टिनम में IN-SPACe के साथ बनाए गए स्पेस मैन्युफैक्चरिंग हब को ‘नेशनल स्पेस मैन्युफैक्चरिंग हब’ घोषित करेगी। इससे प्रोपेलेंट से लेकर लॉन्च व्हीकल तक एंड-टू-एंड मैन्युफैक्चरिंग हो सकेगी और देश को ग्लोबल स्पेस इकॉनमी का फायदा उठाने में मदद मिलेगी। डिजिटल कनेक्टिविटी पर विजय ने बताया कि तमिलनाडु में भारतनेट फेज-II का काम लगभग 97 प्रतिशत पूरा हो चुका है। उन्होंने ‘लास्ट-माइल कनेक्टिविटी’ की बची हुई चुनौतियों से निपटने के लिए मदद मांगी ताकि हर ग्राम पंचायत को जोड़ा जा सके। रोज़गार और कौशल पर ध्यान केंद्रित करते हुए, मुख्यमंत्री ने युवाओं के विकास के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना पेश की।

