छत्तीसगढ़ के संगीत जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। छत्तीसगढ़ी रैप संगीत को नई पहचान दिलाने वाले युवा कलाकार चेतन चांडक उर्फ एप्पी राजा का लंबी बीमारी के बाद रायपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में निधन हो गया। उनके असामयिक निधन से संगीत प्रेमियों और युवाओं में शोक की लहर दौड़ गई है।
जानकारी के मुताबिक करीब 6 महीने पहले एप्पी राजा की तबीयत अचानक खराब हुई थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उन्हें कई स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा। बताया गया कि ऑपरेशन के बाद शरीर में खून की कमी हो गई थी और लगातार हीमोग्लोबिन गिरने से कमजोरी, चक्कर और सांस लेने में परेशानी जैसी शिकायतें थीं। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी था और उन्हें समय-समय पर रक्त भी चढ़ाया जा रहा था।
संघर्षों के बीच बनाई संगीत में पहचान
बस्तर के कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर निवासी एप्पी राजा ने अपने संघर्षों के दम पर छत्तीसगढ़ी रैप को नई पहचान दिलाई। कम उम्र से ही रैप लिखने और संगीत से जुड़े एप्पी ने आर्थिक परेशानियों के बावजूद अपना सफर जारी रखा। परिवार की स्थिति के चलते उन्होंने कुछ समय गुजरात के सूरत में नौकरी भी की, लेकिन संगीत के प्रति जुनून ने उन्हें फिर इसी क्षेत्र में वापस ला दिया।
टूरा भोको लोलो’ से मिली बड़ी पहचान
एप्पी राजा को सबसे ज्यादा लोकप्रियता उनके रैप सॉन्ग ‘टूरा भोको लोलो’ से मिली। यह गाना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और युवाओं के बीच काफी पसंद किया गया। इसके बाद उन्होंने कई हिट छत्तीसगढ़ी रैप गीत दिए। उनके चर्चित गानों में ‘आ जा रे टुरी तोला रसगुल्ला खवाहु’, ‘छत्तीसगढ़ एंथम’ और ‘चो चो हस’ शामिल हैं। उन्होंने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और शहीद भगत सिंह जैसे महान व्यक्तित्वों पर भी रैप गीत बनाए, जिन्हें लोगों ने सराहा।
एप्पी राजा सोशल मीडिया पर भी काफी लोकप्रिय थे। इंस्टाग्राम पर उनके करीब 1.98 लाख फॉलोअर्स थे, जबकि यूट्यूब चैनल से करीब 5.95 लाख लोग जुड़े थे। उनके गानों को करोड़ों लोगों ने देखा और सुना है। उनके यूट्यूब चैनल पर अब तक 13 करोड़ से ज्यादा व्यूज दर्ज किए जा चुके हैं। छत्तीसगढ़ी संगीत जगत ने एक प्रतिभाशाली कलाकार खो दिया है। उनके फैंस और साथी कलाकार सोशल मीडिया के जरिए उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

